संवाददाता
नई दिल्ली। विकलांग कल्याण सह शोध समिति (पंजि.), मदनगीर, नई दिल्ली-110062 द्वारा आयोजित दिव्यांग सशक्तिकरण एवं जागरूकता शिविर - दो दिवसीय, F-II, 13, मदनगीर, नई दिल्ली-110062 में हुई, जिसमें क्षेत्र के कई दिव्यांग जन ने शिविर में भाग लिए। जिसमें दिव्यांग जनों के रोजगकार, शिक्षा, स्वास्थ शिक्षा पर बल दिया गया। सरकारी प्रयास एवं योजनाऐं सन्तोष का विषय है कि सरकार एवं विभिन्न स्वयंसेवी संगठन दिव्यांग जनों के सशक्तिकतरण के लिए लगातार प्रयासरत है। दिव्यांग अधिकार अधिनियम-2016 में 21 प्रकार के दिव्यांगताओं को मान्यता दी है और उनके अधिकारों को कानूनी रूप दिया है। सरकारी नौकरी और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण सुगम भारत अभियान के अंतर्गत भवनों एवं परिवहन प्रणालियों को सुगम बनाना एवं सहायक अंग एवं उपक्रम प्रदान करना ये सभी कदम मील के पत्थर है।
संस्था के अध्यक्ष श्री बौनु साहु जी जो 75% दिव्यांग हैं, ने ऐसे जागरूकता एव सशक्तिकरण योजनाओं और अधिकारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहाँ मिलने वाली जानकारी एवं मार्गदर्शन से कई विकलांग व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं। श्री साहु जी ने कहा कि यह एक सामूहिक पहल है, जिसमें सरकार और गैर सरकारी संस्था एवं आम जनों की सहभागी आवश्यक है। आईए. हम सब मिलकर ऐसे समाज का निर्माण करें, जहाँ दिव्यांग जन दया के नहीं, बल्कि सम्मान और समानता के पात्र हों। जहाँ अपनी क्षमताओं को पूरा उपयोग कर सकें एवं समाज एवं राष्ट्र की मुख्य धारा में गरिमापूर्ण जीवन जी सकें। उनका सशक्तिकरण केवल उनका ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण देश और समाज का सशक्तिकरण है। मैं एक बार फिर उपस्थित सभी दिव्यांग जनों एवं सहयोगियों को धन्यवाद देता हूँ। संस्था के कानूनी सलाहकार श्री रमेश कुमार (कोली) एडवोकेट ने भी दिव्यांग अधिकार अधिनियम पर विस्तृत जानकारी दिये और ऐसे आयोजनों का अनवृत रूप से करने का निश्चय किया। शिविर में संस्था सदस्य श्री वेदप्रकाश (दिव्यांग), श्री विजय कुमार दिव्यांग 90%, श्रीमती राधाजी दिव्यांग, श्री सुखविन्दर सिंह ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।
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