संवाददाता
नई दिल्ली। बीएसईएस में आउटसोर्सिंग व ए एम सी आधार पर काम करने वाले कर्मचारी अपनी जान पर खेलकर कार्य करते हैं। कभी-कभी तो कर्मचारियों की कार्य करती समय जान तक चली जाती है पर बीएसईएस में ऐसे कर्मचारियों की कोई गिनती नहीं होती। ऐसे कर्मचारी को कोई अपना मानने को तैयार नहीं होता है।
12.02.2019 को नूर-ए-इलाही ग्रिड में एक कर्मचारी जिसका नाम बसंत यादव था वह वहां ड्रिल का कार्य करते समय हाई टेंशन तार की चपेट में आ गया और वह 90 प्रतिशत जल गया जिससे उसे नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया परंतु वह बच नहीं पाए और 1 अप्रैल 2019 को अस्पताल में दम तोड़ दिया।
तभी मजदूरों के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं डेसू मजदूर संघ, दिल्ली विधुत बोर्ड एम्पलाॅइज यूनियन व कर्मचारी यूनियन वालों ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर करवाई और इनको हक दिलवाने के लिए आवाज उठाई। मजदूरों के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं के पदाधिकरियों व सदस्यों ने मैनेजमेंट के अधिकारियों से बातचीत करके बसंत यादव के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि दिलवाई। इस कार्य में सौरभ सूदन, किशन यादव, विशेम्बर दत्त, सुभाष चंद, भूले राम, राजेन्द्र चैहान, ओमपाल, मनीष कटारिया, पवन कुमार व अब्दुल रज्जाक के साथ समस्त बीवाईपीएल के कर्मचारी और अधिकारियों का सहयोग रहा।
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