संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली में लापता व्यक्तियों, विशेषकर बच्चों के संबंध में किसी भी प्रकार की घबराहट या भय का कोई कारण नहीं है।
पूर्व की तुलना में दिल्ली में लापता व्यक्तियों की रिपोर्टिंग में कोई वृद्धि नहीं हुई है। बल्कि जनवरी 2026 माह में, पिछले वर्षों की समान अवधि की तुलना में लापता व्यक्तियों की रिपोर्टिंग के मामलों में कमी दर्ज की गई है।
यह भी उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस में अपराधों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी रिपोर्टिंग की नीति अपनाई जाती है। लापता व्यक्तियों की रिपोर्ट न केवल स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई जा सकती है, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से तथा ERSS-112 के माध्यम से भी दर्ज कराई जा सकती है।
निर्धारित SOP के द्वारा, दिल्ली पुलिस इन सभी मामलों में लापता व्यक्तियों का तुरन्त पता लगाने का प्रयास किया जाता है, जिसमें लापता बच्चों के मामलों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
इस संबंध में सभी जिलों में dedicated Missing Persons Squads तथा क्राइम ब्रांच में Anti Human Trafficking Unit कार्यरत हैं, ताकि इस विषय में केंद्रित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
यह स्पष्ट किया जाता है कि दिल्ली में बच्चों के लापता होने अथवा अपहरण के मामलों में किसी भी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने नहीं आई है।
अतः हम आपसे यह अपील करते है कि इस संबंध में फैल रही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। इसके अतिरिक्त, अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध उचित कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि लापता व्यक्तियों से संबंधित सभी मामलों का Registration एवं तुरन्त जांच की जाए और सभी संभव प्रयास कर लापता व्यक्तियों को शीघ्रातिशीघ्र उनके परिजनों से मिलाया जाए। दिल्ली पुलिस आपकी सेवा में सदैव तत्पर है।
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