गुरुवार, 25 सितंबर 2025

दिल्ली में पानी की समस्या को लेकर एनसीपी(एसपी) की दिल्ली इकाई ने जल मंत्री प्रवेश वर्मा को ज्ञापन सौंपा


नई दिल्ली। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बढ़ती पानी की समस्या को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचन्द्र पवार) की दिल्ली इकाई ने आज गंभीर चिंता व्यक्त की। इस मुद्दे पर आम जनता की आवाज़ उठाते हुए पार्टी के नेताओं ने दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी और जल मंत्री श्री प्रवेश वर्मा को ज्ञापन सौंपा।

यह डेलिगेशन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचन्द्र पवार) दिल्ली के संयोजक श्री डी. सी. कपिल के नेतृत्व में मंत्री महोदय से मिला और राजधानी में पानी की किल्लत को तत्काल दूर करने की मांग रखी।

ज्ञापन में कहा गया कि दिल्ली की बड़ी आबादी लंबे समय से स्वच्छ और पर्याप्त पानी की आपूर्ति से वंचित है। कई कॉलोनियों और बस्तियों में लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। इसके कारण जनता को निजी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
अगर देवली विधानसभा क्षेत्र के संगम विहार इलाके की ही बात करें तो यहां रोज़ाना लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और टैंकरों पर निर्भर होना उनकी मजबूरी बन चुकी है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचन्द्र पवार) के नेताओं ने मंत्री महोदय से तत्काल इन मुख्य बिंदु पर ठोस कदम उठाने की मांग की, जिनमें—सभी प्रभावित क्षेत्रों में नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना। अवैध टैंकर माफिया पर सख्ती से रोक लगाना। पाइपलाइन नेटवर्क की मरम्मत और विस्तार के लिए शीघ्र कार्यवाही करना। भविष्य में जल संकट से बचाव हेतु दीर्घकालिक योजना लागू करना।

इस अवसर पर पार्टी के दिल्ली संयोजक डी. सी. कपिल जी ने कहा कि दिल्ली की जनता पानी की भारी किल्लत से जूझ रही है। गर्मी हो या बरसात, हर मौसम में लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि तुरंत प्रभावी कदम उठाए, वरना जनता का धैर्य जवाब दे रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता की आवाज़ बुलंद करती रही है और आगे भी जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

इस मौके पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह ने कहा कि पानी हर नागरिक का बुनियादी हक है, इसे किसी भी कीमत पर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। दिल्ली जैसे बड़े महानगर में लोगों को आज भी पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़े, यह सरकार की नाकामी को दर्शाता है। यदि जनता को न्याय नहीं मिला, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचन्द्र पवार) सड़क से सदन तक इस लड़ाई को लड़ेगी। दिल्ली की जनता को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा, हम उनके अधिकार की लड़ाई पूरी ताक़त से लड़ेंगे।"

वहीं दिल्ली प्रदेश महासचिव, राजेश घाघट ने कहा कि आज पानी की समस्या दिल्ली की जनता के जीवन-मरण का सवाल बन गई है। टैंकर माफिया खुलेआम लूट मचा रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। हमारी मांग है कि तुरंत सख्त कार्रवाई हो और हर घर तक साफ पानी पहुंचे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जनता की ताक़त है और हम इस आंदोलन को हर गली-मोहल्ले तक ले जाएंगे।

महरौली जिला प्रभारी, प्रताप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि महरौली सहित दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत है। लोग रोज़ाना पीने के पानी के लिए लाइनें लगाने और टैंकरों पर निर्भर होने को मजबूर हैं। सरकार को चाहिए कि तुरंत स्थायी समाधान निकाले, वरना हम जनता के साथ सड़क पर उतरकर इस अन्याय के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।"

ज्ञापन सौंपने वाले डेलिगेशन में डीसी कपिल, बलविंदर सिंह, राजेश घाघट, प्रताप कुमार श्रीवास्तव, ताहिर अली, संतोष सिंह, राम सुभाष, चमन बरबूधे, प्रेम सिंह, नरेंद्र कुमार शामिल थे।

बुधवार, 24 सितंबर 2025

बसंत कुमार द्वारा लिखित पुस्तक "मुसहर समाज का इतिहास" नामक पुस्तक का लोकार्पण भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य डॉ. सत्य नारायन जटिया ने किया

नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बसन्त कुमार द्वारा लिखित प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक "मुसहर समाज का इतिहास" नामक पुस्तक का लोकार्पण भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य डॉ. सत्य नारायन जटिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय बौद्ध संघ के अध्यक्ष डा. संघप्रिय राहुल भंते जी उपस्थित रहे। आवश्यक कार्य के कारण एमएसएमई मंत्री जतीन राम मांझी नहीं आ सके। उनका संदेश उनके निजी सचिव एसपी पंत ने पढ़ा। कार्यक्रम में अनेक बुद्धिजीवियों और मीडिया के लोगो ने भाग लिया और मुसहर समाज की आर्थिक सामाजिक और शैक्षिक पिछड़े होने के कारणों और उनके उत्थान पर सार्थक चर्चा हुई।

आरक्षण सुधार: तीन पीढ़ियों के बाद नई नीति की आवश्यकता

ओंकार त्रिपाठी

देश को आज़ादी हुए 78 साल हो चुके हैं। इतने वर्षों में समाज में कई बदलाव आए, लेकिन कुछ पुरानी नीतियां अब समय की मांग के अनुरूप नहीं रह गई हैं। आरक्षण का मूल उद्देश्य पिछड़े और हाशिए पर खड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाना था। लेकिन आज, तीन से चार पीढ़ियों के गुजर जाने के बाद, यह व्यवस्था कई जगह केवल जातिगत पहचान का प्रतीक बन गई है।

जातिगत आरक्षण से आर्थिक लाभ सबसे अधिक होता है। नौकरी, शिक्षा और सरकारी योजनाओं में आरक्षण मिलने से जीवन बदल जाता है। लेकिन समस्या यह है कि गरीब लोग, जो किसी पिछड़ी जाति से नहीं हैं, इसका लाभ नहीं पा रहे हैं। वहीं, आर्थिक रूप से सशक्त लोग जातिगत पहचान के कारण लगातार इसका लाभ ले रहे हैं।

अब समय आ गया है कि नीति केवल जाति पर आधारित न रहे। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले किसी भी जाति या धर्म के व्यक्ति को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। ऐसा करने से वास्तविक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचेगी और समाज में न्याय की भावना मजबूत होगी।

जातिगत आरक्षण कई बार समाज में भेदभाव और विभाजन को भी बढ़ाता है। आर्थिक आधार पर आरक्षण से मदद केवल जरूरत के अनुसार दी जाएगी, न कि जाति के आधार पर। इससे समाज में समान अवसर और विश्वास की भावना विकसित होगी।

आरक्षण केवल कानून और सरकारी योजना तक सीमित नहीं होना चाहिए। समाज को भी इस बदलाव के लिए तैयार होना होगा। शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए, ताकि गरीब और पिछड़े लोग अपने दम पर आर्थिक स्थिति सुधार सकें। आर्थिक आधार पर आरक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि प्रयास और संसाधन वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचें।

आज जब हम समाज के आइने में खुद को देखते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि जातिगत आरक्षण अब पर्याप्त नहीं है। गरीबी और वंचना हर जाति में हैं। उनके लिए मदद का आधार केवल जरूरत होना चाहिए। देश की प्रगति तभी संभव है जब समाज के प्रत्येक वर्ग—आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से—समान रूप से आगे बढ़े।

आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करना न केवल नीति सुधार होगा, बल्कि समाज में अवसर और न्याय की भावना को भी पुनर्जीवित करेगा। तीन पीढ़ियों तक लाभान्वित वर्गों को देखकर यह स्पष्ट है कि अब समय है कि नीति केवल जाति की पहचान पर न टिके। गरीबी और जरूरत को आधार बनाकर आरक्षण देना ही सच्चा मार्ग है—वास्तविक समानता और न्याय की दिशा में।

रविवार, 21 सितंबर 2025

‘स्वार्थ प्रथम’ के सिद्धान्त पर दस्तक देता राष्ट्रद्रोह का दावानल

भविष्य की  आहट

डा. रवीन्द्र अरजरिया

देश के आन्तरिक हालातों को बिगाडने की कोशिशें तेज होती जा रहीं हैं। ‘डीप स्टेट’ से जुडे लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। प्रमाणों की फेरिश्त विदेशी रिपोर्ट्स में उजागर हो रहीं हैं। आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और अध्यात्मिक पक्षों को प्रभावित करने हेतु सात समुन्दर पार से धनराशि की खेपें निरंतर पहुंचाई जा रही हैं। चरणबद्ध षडयंत्र के तहत पहले देश के निवासियों में से ऐसे मीरजाफरों को खोजा जाता है जो पैसा, प्रतिष्ठा और पारिवारिक गरिमा को शीर्ष तक ले जाने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार होते हैं, फिर उनके सहयोग से समाज सेवा, सामाजिक प्रशिक्षण, सामाजिक सरोकार, सामाजिक प्रबंधन, आधुनिक शिक्षा आदि के नाम पर एनजीओ का गठन करवाया जाता है। इन एनजीओ में समाज सेवा के नाम पर भारी भरकम फंड पहुंचाकर मीरजाफरों को अपने खास सिपाहसालारों की फौज तैयार करने का हुक्म दिया जाता है ताकि असामाजिक तत्वों की भीड को एनजीओ कार्यकर्ताओं के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। 
इन मीरजाफरों में राजनैतिक दलों, उद्योगपतियों, कथित बुद्धिजीवियों, असामाजिक तत्वों, अतिमहात्वाकांक्षी व्यक्तियों, अपरिपक्व किशोरों, नासमझ छात्रों, बेरोजगार युवाओं, स्वतंत्र विचारों वाली युवतियों आदि को विलासतापूर्ण भविष्य के सब्जबाग दिखाकर शामिल किया जाता है। ऐसे ज्यादातर एनजीओ की बागडोर विदेशों से शिक्षा प्राप्त करके स्वदेश लौटने वाले स्वार्थी लोगों के हाथों में सौंपी जाती है जिनमें राजनैतिक चेहरों सहित अनेक प्रतिष्ठित लोगों को शामिल किया जाता है ताकि संवैधानिक अंकुश लगने पर हंगामा खडा किया जा सके। 
हाल ही में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान घर जैसा लगता है। इनके विवादास्पद बयानों ने हमेशा ही देश के वातावरण में जहर घोलने की काम किया है। सैम के एनजीओ ग्लोबल नालेज इनिशिएटिव को अमेरिकी विदेश विभाग, यूएसएआईडी तथा राक फेलर फाउण्डेशन से निरंतर धन की प्राप्ति हो रही है।
 सैम तो राकफेलर के वर्तमान उपाध्यक्ष तथा अमेरिकी सरकार के पूर्व सलाहकार भी हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के पूंजीपति जार्ज सोरोस को लम्बे समय से भारत विरोधी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। सोरोन को रिसर्च फार सोशल हैल्थ ने अपने बुलेटिन में ‘डीप स्टेट’ के साथ जोडते हुए नकारात्मक व्यक्ति की उपाधि से विभूषित किया है। आश्चर्य होता है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मुख्य सलाहकार एवं गांधी परिवार के निजी एनजीओ राजीव गांधी फाउंडेशन के सीईओ विजय महाजन केवल सोरोस के ही पार्टनर नहीं हैं बल्कि उनकी सीआईए से संबद्ध फोर्ड फाउंडेशन के साथ भी साझेदारी बताई जाती है।
मालूम हो कि सन् 1982 में फोर्ड फाउंडेशन के अधिकारी दीप जोशी ने सह-संस्थापक विजय महाजन के साथ मिलकर ‘प्रदान’ नामक एक प्रशिक्षण एनजीओ की स्थापना की थी जिसे पिछले 12 वर्षों में 596 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी फंडिंग प्राप्त हुई है। आश्चर्य तो तब हुआ जब बंग्लादेश में ‘डीप स्टेट’ के इशारे पर तख्ता पलट हुआ तब फोर्ड फाउण्डेशन से जुडे मोहम्मद यूनुस को सत्ता पर स्थापित करवाने में सहयोग हेतु फोर्डियन विजय महाजन को दायित्व सौंपा गया। उस कठिन दौर में ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी नारायण मूर्ति ने भी सहयोगात्मकत कार्य किया था। 
मालूम हो कि अप्रैल 2010 में कांग्रेस के नेतृत्व हेतु विजय महाजन तथा इन्फोसिस के प्रथम अध्यक्ष डा. जी. के. जयराम ने जवाहरलाल नेहरू लीडरशिप इंस्टीट्यूट अर्थात जेएनएलआई के नाम से एक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया था। यही संस्थान जुबैर से लेकर आरफा तक, द कारवां से लेकर आर्टिकल 14 तक को फंड करता है। इस हेतु इंफोसिस के मालिक सहित उनके अन्य मित्र वित्तीय व्यवस्था करते है। इस संस्थान के संस्थापक ट्रस्टियों में शामिल रुक्मिणी बनर्जी का नाम विजय महाजन के फोर्ड वित्त पोषित एनजीओ की उपाध्यक्ष के रूप में भी शामिल है। कहा जाता है कि सीआईए ने फोर्ड फाउण्डेशन को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मनोवैज्ञानिक युद्ध करने के लिए युवा शक्ति तैयार करने का काम सौंपा है। 
ज्ञातव्य हो कि सीआरपीएफ के वीवीआईपी सिक्यूरिटी हेड सुनील जून ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि राहुल गांधी अपनी सुरक्षा को गम्भीरता से नहीं ले रहे हैं। क्यों कि वह ज्यादातर विदेश यात्रा पर बिना किसी को बताये जा रहे हैं। पत्र में राहुल गांधी की 30 दिसम्बर से 9 जनवरी तक इटली, 12 मार्च से 17 मार्च तक वियतनाम, 17 अप्रैल से 23 अप्रैल तक दुबई,  11 जून से 18 जून तक कतर, 25 जून से 6 जुलाई तक मलेशिया जैसी यात्राओं का हवाला दिया गया है। 
पूर्व में भी प्रोटोकाल तोडने की अनेक शिकायतें दर्ज की जा चुकीं हैं। इस संबंध में सीआरपीएफ ने बताया है कि सन् 2020 से अब तक 113 बार उन्होंने सुरक्षा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है जिसमें पार्टी की भारत जोडो यात्रा का दिल्ली फेस भी शामिल है। आखिर क्यों सुरक्षा चक्र तोडकर राहुल गांधी विदेश दौरे पर चुपचाप निकल जाते हैं। इस प्रश्न का उत्तर जानने का अधिकार राष्ट्र को है। फ्रांसीसी मीडिया ने उजागर किया है कि ‘डीप स्टेट’ अपने नियंत्रणकारी संस्थाओं के माध्यम से व्यवसायिक, व्यापारिक, आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, पोषण आदि की रिपोर्ट प्रकाशित करवाने के बाद उसे प्रभावशाली ढंग से विपक्ष द्वारा उठवाने, आम नागरिकों को गुमराह करवाने और सरकारों को दबाव में लेकर अपने हितों की पूर्ति हेतु कठपुतली बनाने में जी जान से लगी हुई है।
ऐसी ही खोजपरक जानकारियां अन्य देशों से भी निरंतर प्राप्त हो रहीं हैं। ऐसे में विदेशी रिपोर्ट्स पर देश के सदन में होने वाले हंगामों का राज स्वतः ही खुल जाता है। स्वार्थ प्रथम के सिद्धान्त पर दस्तक देता राष्ट्रद्रोह का दावानल अब घातक से अतिघातक होता जा रहा है। ‘डीप स्टेट’ के साथ गलबहियां करने वालों को समय रहते चिन्हित करना होगा तभी देशवासियों को अपनत्व भरे वातावरण में किलकारियां भरने का अवसर मिलता रहेगा। इस बार बस इतना ही। अगले सप्ताह एक नई आहट के साथ फिर मुलाकात होगी।

परिवर्तन एवं महिला शक्ति संगठन ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने वाले सहयोगियों को किया सम्मानित


संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली में हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद करने वाले सहयोगियों का सम्मान परिवर्तन एवं महिला शक्ति संगठन (रजि.) ने एक विशेष कार्यक्रम में किया। समाजसेवियों को उनके योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि बलविंदर सिंह, उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और कहा कि आपदा के समय मदद करने वाले साथी ही असली समाजसेवी हैं। यह सम्मान केवल एक काग़ज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके सेवा भाव की पहचान है। मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं और समाज की असली ताक़त भाईचारा है।

बलविंदर सिंह ने आगे कहा कि आज देश गंभीर चुनौतियों से गुजर रहा है— महँगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, नौजवान बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं, किसान अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है।

ऐसे समय में केवल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ही एक ऐसा विकल्प है जो आम जनता की आवाज़ को उठाती है।

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी नफरत की नहीं, बल्कि विकास और न्याय की राजनीति करती है। हम संविधान की रक्षा, लोकतंत्र की मजबूती और हर नागरिक को समान अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। यही कारण है कि आज देश को हमारी पार्टी की सख़्त ज़रूरत है।”

संस्था की भूमिका और पदाधिकारी - इस कार्यक्रम का संचालन संस्था की पूरी टीम ने मिलकर किया।

चेयरमैन: मीनाक्षी, उपाध्यक्ष: मुमताज बानो, महासचिव: ममता, सचिव: सावित्री, कोषाध्यक्ष: वंदना, साथ ही संस्था के ट्रस्टी सदस्य – राज कुमार, योगेश, सुशील सैनी, उमेश, करण, मोहम्मद ईशा, ललित चौधरी, अरुण यादव, भारती, ललित, मोहम्मद रियाज आदि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर समाजहित में कार्य करते रहने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में बलविंदर सिंह ने सभी कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों से आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर देश में बदलाव की लड़ाई को मज़बूत करें। यही समय है एकजुट होकर गरीब, किसान, मज़दूर, नौजवान और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने का। हमारी ताक़त जनता है, और जनता के भरोसे ही देश को नई दिशा दी जा सकती है।



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