संवाददाता
नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार ), दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह ने आज बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का जो वादा किया था, उसे सत्ता में आते ही भुला दिया है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तब उसके नेता दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की पुरजोर वकालत करते थे, लेकिन आज केंद्र और प्रदेश—दोनों जगह सरकार होने के बावजूद इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
बलविंदर सिंह ने कहा कि यह दर्शाता है कि भाजपा के लिए पूर्ण राज्य का मुद्दा केवल राजनीतिक नारा था, न कि जनहित का संकल्प। यदि पार्टी वास्तव में दिल्ली को अधिकार देना चाहती, तो आज उसके पास निर्णय लेने की पूरी शक्ति है। फिर देरी क्यों? आखिर दिल्ली की दो करोड़ जनता को उनके संवैधानिक अधिकार देने में हिचकिचाहट क्यों?
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस, भूमि और सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण विषय अब भी केंद्र के अधीन हैं। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठते हैं तो जिम्मेदारी तय नहीं होती। विकास कार्य भूमि स्वीकृति में अटक जाते हैं और प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर टकराव की स्थिति बनी रहती है। इसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
बलविंदर सिंह ने भाजपा से सवाल किया - क्या पूर्ण राज्य का वादा केवल चुनावी जुमला था? सत्ता में आते ही जनता से किए गए वादे क्यों भुला दिए गए? यदि भाजपा आज भी पूर्ण राज्य के पक्ष में है, तो स्पष्ट समयसीमा और रोडमैप क्यों नहीं दे रही?
उन्होंने मांग की कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाकर पूर्ण राज्य के दर्जे पर ठोस प्रस्ताव लाए और संसद में इसे पारित कराने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए।
अंत में उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता अब राजनीतिक बयानबाजी से संतुष्ट नहीं होगी। उसे अधिकार चाहिए, जवाबदेही चाहिए और स्पष्ट नीति चाहिए।
