बुधवार, 26 मार्च 2014

मतदाताओं को मतदाता पर्ची का वितरण 4 से

- नए मतदाता पहचान पत्रों का वितरण जारी
-4 अप्रैल से लोगों के घर-घर तक पहुंचेंगी पर्चियां
- चुनाव से दो दिन पहले तक सभी को पर्चियां व नए मतदाताओं को पहचान पत्र पहुंचा दिए जाएंगे


मो. रियाज़

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने चुनाव को लेकर अपनी पूरी तैयारियां कर ली है। नए जुड़े मतदाताओं को नए मतदाता पहचान पत्रों का वितरण बीएलओ द्वारा घर-घर करवाया जा रहा है। वहीं मतदान के मतदाता पर्ची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ताजा जानकारी के अनुसार मतदाता पर्ची की छपाई का काम शुरू हो गया है। वहीं मतदाता पर्चियों के वितरण के लिए 4 अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है।
उत्तर-पूर्वी जिले के जिलाधिकारी अजीमुल हक के मुताबिक मतदाता पर्ची को तैयार करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक मतदाता पर्ची को तैयार कर उसे छपने के लिए भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके बाद 4 अप्रैल से मतदाताओं के बीच पर्चियों के वितरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
पूर्वी जिला प्रशासन की ओर से भी पर्ची बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यहां भी 4 अप्रैल से लोगों के घर घर तक पर्चियां पहुंचाने का काम किया जाएगा।
दोनों जिलों में नए मतदाताओं को पहचान पत्र उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य पर्ची वितरण के साथ-साथ भी चलेगा। चुनाव से दो दिन पहले तक सभी को पर्चियों के साथ साथ नए मतदाताओं को पहचान पत्र उनके घरों तक पहुंचा दिया जाएगा।

मंगलवार, 25 मार्च 2014

चुनाव आयोग की तैयारी- मतदाता फोटो वाली स्लिप से भी डाल सकेंगे वोट

 -15 दिन में मतदाता पहचान पत्र घर-घर पहुंचाना मुश्किल

-घर-घर भेजी जाएगी मतदाता स्लिप

- लोग मतदान वाले दिन मतदान केंद्र से भी अपनी स्लिप लेकर वोट डाल सकेंगे


मो. रियाज़

नई दिल्ली। 15 दिनों के अंदर 6.5 लाख मतदाता पहचान पत्र घर-घर बांटना चुनाव आयोग के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इसलिए चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी को मतदाता पहचान पत्र नहीं मिलता है तो उन्हें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। ऐसे लोग फोटोयुक्त मतदाता स्लिप से भी वोट डाल सकेंगे। 
15 दिन में मतदाता पहचान पत्र कैसे घर-घर पहुंचेगा और नए मतदाता कैसे डाल पाएंगे वोट? इस पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय देव ने कहा कि मैं विश्वास के साथ कहता हूं कि देश के किसी राज्य ने एक महीने 12 दिन में 6.5 लाख नए मतदाता आज तक नहीं बनाए। जबकि दिल्ली ने यह काम कर दिखाया है। इसके लिए विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं, उन्होंने बहुत बेहतर तरीके से काम किया है। देव ने कहा कि 6.5 लाख मतदाता पहचान पत्र बनाना और उन्हें घर-घर पहुंचाना कठिन काम है। मगर हम इसे भी करके दिखाएंगे। हम डाक विभाग व कूरियर के माध्यम से लोगों के पते पर उनके घर पर मतदाता पहचान पत्र भेजेंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता पहचान पत्र के साथ-साथ हमारे लिए फोटो युक्त मतदाता स्लिप भिजवाना भी अधिक महत्वपूर्ण है। हमारे लोग मतदाता स्लिप घर-घर जाकर बांटेंगे। जिन्हें मतदान वाले दिन से पहले ही पहुंचा दिया जाएगा। हम लोगों ने ऐसी व्यवस्था की है कि यदि किसी कारण से किसी के घर पर फोटोयुक्त मतदाता स्लिप नहीं पहुंचती है या कर्मचारी के घर पर जाने पर घर बंद मिलता है तो इस स्थिति में मतदाता स्लिप बांटने के लिए हर मतदान केंद्र के बाहर चुनाव आयोग का काउंटर लगाया जाएगा। जहां से ऐसे लोग मतदान वाले दिन अपनी स्लिप लेकर वोट डाल सकेंगे।

सोमवार, 24 मार्च 2014

टी. बी. व मतदाता जागरुकता कैम्प का आयोजन किया

साबिर हुसैन, अध्यक्ष

संवाददाता मो. रियाज़

डॉ. आर. अंसारी, कोषाध्यक्ष
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर विधानसभा में स्थित शास्त्री पार्क में नई पीढ़ी-नई सोच (पंजी) संस्था ने विश्व टीबी दिवस के मौके पर टी.बी. व मतदाता जागरुकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कैम्प कोषाध्यक्ष डॉ. आर. अंसारी की जनता क्लीनिक में लगाया गया। कैम्प में टी.बी. से बचाव, मतदान करने व सही उम्मीदवार चुनने के लिए प्रेरित किया गया जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री साबिर हुसैन द्वारा की गई उन्होंने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी संस्था का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को जागरुक कर मतदान प्रतिशत बढ़ाना है जिससे मतदान के दिन मतदाता घर पर छुट्टी का आनंद लेने के बजाय अपने अधिकारों का प्रयोग कर सही उम्मीदवार चुन सके नहीं तो 5 वर्ष तक हमें अपनी भूल का एहसास होता रहेगा कि हमने मतदान क्यों नहीं किया, क्योंकि सही उम्मीदवार चुनने में भाग नहीं लिया और यही मतदान प्रतिशत कम होने का कारण भी है जबकि दिल्ली में यह 100 प्रतिशत होना चाहिए।
डॉ. आर. अंसारी ने कहा कि यदि हम जागरुक हैं तो टी. बी. की संभावना कम होती है व सही मतदान से हम सही उम्मीदवार को चुन सकते हैं नहीं तो हम 5 साल तक अपनी भूल का एहसास करते रहते है कि सही समय पर अगर हमने जांच आदि करवाई होती तो यह दिन देखने को नहीं मिलता। यह बात दोनों पर लागू होती है। 
1. टी. बी.-मौजूदा समय में टी. बी. तेजी से फैल रहा है। इसके सबसे ज्यादा युवा शिकार हो रहे हैं। युवा खांसी आदि को नजर अंदाज करते हैं और जब वह ज्यादा बीमार हो जाते हैं तो फिर डाक्टरों व अस्पताल के चक्कर लगाते हैं। जब उनकी जांच आदि होती है तो पता चलता है कि वह टी. बी. से ग्रस्त हैं। लोग अभी भी टी. बी. की जांच कराने से घबराते हैं। वह सोचते हैं कि यदि मुझे टी. बी. हुआ तो मुझे समाज किस नजर से देखेगा।
2. मतदान-यदि हम वोट डालने नहीं जाते हैं तो गलत व्यक्ति चुनकर आ जाता है। जब गलत व्यक्ति चुनकर आ जाता है तो हम कहते हैं कि यह व्यक्ति गलत है। हमें उसे गलत कहना का अधिकार नहीं क्योंकि अगर हमने अपने मत का प्रयोग किया होता तो सही गलत व्यक्ति चुनकर आ सकता था।
डॉ. अंसारी ने कहा कि युवा आगे आकर टी. बी. व सही मतदान की जानकारी हासिल करें व इससे होने वाले नुकसान से अपने आपको बचाएं व दूसरों को भी बचाने की कोशिश करें।
संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष साबिर हुसैन ने कहा कि सरकार को चाहिए कि टीबी की विभिन्न जांचों की रिपोर्ट का अध्ययन के लिए डाटा एकत्रित करे। ताकि यह पता किया जा सके की कौन सी जांच ज्यादा कारगर है व पुरानी दवाओं की जगह नई तकनीक खोजनी चाहिए। जिससे की टी. बी. से लड़ने में सफलता मिल सके। उन्होंने  आगे कहा कि हमें सही व ईमानदार को अपना मत देकर संसद भेजना चाहिए ताकि वह हमारी बातों को संसद में रख सके।
संस्था के उपाध्यक्ष श्री मो. रियाज ने पुरानी कविता के माध्यम से कहा कि एक रास्ता खराब है तो दूसरा रास्ता अपना लेंगे, बाहर सुरक्षा का डर लगे तो छुट्टी घर पर बिता लेंगे, घर पर पानी नहीं आया तो पड़ोसी का दरवाजा खटखटा लेंगे, रात में बिजली चली गई तो कैंडिल लाइट डिनर का बहाना बना लेंगे, महंगाईं की मार पड़ी तो एक सब्जी से गुजारा कर लेंगे, सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने पड़े तो रिश्वत देकर काम निकाल लेंगे, बड़े अजीब है ना हम हर मुसीबत उठाएंगे फिर भी वोट करने नहीं जाएंगे। लेकिन एक दिन की मुसीबत से बचने के लिए 5 साल की मुसीबत मत पालो, अपनी बात मनवानी है तो वोट जरूर डालो। सुनाकर सभी से मतदान करने की शपथ दिलवाई कि मैं, 10 अपै्रल 2014 दिन शुक्रवार को मतदान करने जरुर जाउंगा व अपने साथ औरों को भी मतदान केंद्र लेकर जाउंगा तथा सभी को कार्यक्रम में भाग लेने व समय देने के लिए धन्यवाद दिया तथा कार्यक्रम में सहयोग देने वाले श्री अब्दुल खालिक, श्री जुबैर आजम, हनीफ प्रधान, मो. इलियास, मौलाना हुसैन साहब, हाजी जाबिर हुसैन, मो. शुएब, मो. उमर व संस्था के पदाधिकारी-सदस्यों व अन्य जनों का रहा है।

रविवार, 23 मार्च 2014

संस्था किसी भी पार्टी के प्रचार नहीं करेगी: साबिर हुसैन

संवाददाता
साबिर हुसैन, अध्यक्ष
नई दिल्ली। सभी नेता अपनी-अपनी जीत के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह से उन्हें जीत मिल जाए। वहीं चुनाव को लेकर नई पीढ़ी-नई सोच संस्था के केंद्रीय कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष श्री साबिर हुसैन ने की। इस बैठक में सभी पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए। चुनाव के मद्देनजर इस बैठक का आयोजन किया गया क्योंकि नेता अपनी जीत के लिए संस्थाओं का भी सहारा लेते हैं जो कि संस्थाओं  के लिए अच्छा नहीं है। इस बैठक में सभी ने अपनी-अपनी बात रखते हुए चुनाव में लोगों से ज्यादा से ज्यादा वोट डालने के लिए प्रोरित करने को कहा क्योंकि पिछले चुनाव में लोगों की भागीदारी तो बढ़ी थी परंतु यह बहुत कम थी।
पिछले चुनावों को देखते हुए इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हम लोगों को उनको उनके वोट की कीमत से अवगत कराएंगे व ज्यादा से ज्यादा वोट डलवाने के लिए घर-घर जाकर प्रचार करेंगे। इस बैठक में यामीन (ब्लाक अध्यक्ष बुलंद मस्जिद) ने कहा कि लोग कहते हैं कि हम वोट क्यों करें क्योंकि हमें सभी काम तो रिश्वत देकर हीे कराना हैं। इसलिए हम सभी मिलकर उन्हें उनके वोट की कीमत क्या है और वोट न देने के क्या नुकसान हैं उससे अवगत करवाएंगे।
संस्था के उपाध्यक्ष मो. रियाज ने कहा कि जब हम मतदाताओं के घर जाएंगे तो चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं को दिए के अधिकार कोई पसंद नहीं अर्थात नोटा के बारे में भी बताएंगे। हो सकता है कि इस कारण लोग मतदान करने जाएंगे।
संस्था के संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष श्री साबिर हुसैन ने बैठक के आखिर में अपनी बात रखते हुए कहा कि हम किसी पार्टी विशेष का प्रचार नहीं करेंगे बल्कि लोगों को उनके वोटों की कीमत से उन्हें अवगत कराएंगे। जो लोग अभी तक मतदान करने नहीं जाते थे उन्हें उनके मतदान न करने के नुकसान से अवगत कराएंगे व उन्हें सही प्रात्याशी को चुनने के लिए कहेंगे। चुनाव आयोग द्वारा पहली बार मतदाताओं को दिए के अधिकार कोई पसंद नहीं अर्थात नोटा के प्रयोग के बारे में भी बताएंगे।
साबिर हुसैन ने आगे बताया कि हमारा प्रचार पूरी दिल्ली में होगा (जहां पर भी संस्था के सदस्य मौजूद हैं)। सदस्य अपने क्षेत्र में मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रोरित करेंगे। हर सदस्य रोजाना अपने कीमती समय में से एक घंटा मतदाताओं को मतदान के फायदे-नुकसान से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई सदस्य या पदाधिकारी किसी पार्टी विशेष का प्रचार करता है तो संस्था के नाम का प्रयोग नहीं करेगा। यदि कोई ऐसा करता हुए कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्यंवाही की जाएगी। इस बैठक में मो. रियाज, अब्दुल रज्जाक, डॉ. आर. अंसारी, इलमातुल्ला, अब्दुल कादीर, अंजार, नईम, विनोद, आजाद, अब्दुल रज्जाक, इरफान आलम, मो. सुल्तान, मो. सेहराज, यामीन, मो. मुन्ना अंसारी, मो. सेहराज आदि पदाधिकारी व अन्य सदस्य मौजूद थे।
 
 

बिना जांच के ही फार्म हुआ कैंसिल

 मो. रियाज़

नई दिल्ली। दिल्ली में 12 मार्च तक जो मतदाता पहचान पत्र के लिए जो फाॅर्म भरे गए थे उनमें से अधिकतर बिना जांच के हीे फार्म कैंसिल हो गए। यह वह फार्म हैं जो कि आनलाइन भरे गए थे। जब इसकी जानकारी मतदाता पहचान पत्र कार्यालय से ली गई तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि यह सभी फार्म जांच पड़ताल के बाद ही कैंसिल हुए हैं। जिन मतदाताओं के फार्म कैंसिल हुए उनसे बात की रजी अहमद (22 वर्ष) ने बताया कि मैं परिवार सहित बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क में रहता हूं मेरे फार्म नं. 5567894 है। इसमें लिखा है कि मैं यहां रहता नहीं हूं। 
अहमद अली खान (37 वर्ष) ने बताया कि मैं परिवार सहित बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क में रहता हूं मेरे फार्म नं. 5734748 है व मेरा विधानसभा गांधीनगर (61) है। इसमें लिखा है कि मैं दूसरी विधानसभा में रहता हूं।
गुलफशा (18 वर्ष) ने बताया कि मैं परिवार सहित बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क में रहता हूं मेरे फार्म नं. 5647530 है। इसमें लिखा है कि मैं यहां रहता नहीं हूं जबकि यह मेरा पैतृक घर है। 
मैंने अपना (सुहैल) व अपनी बहन राबिया (35 वर्ष) का फार्म भरा था। हम परिवार सहित बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क में रहता रहते हैं। मेरा फार्म तो ओके कर दिया परंतु मेरी बहन का फार्म कैंसिल कर दिया। मेरी बहन का फार्म नं. 5479352 है। इसमें लिखा है कि यह यहां रहता नहीं हैं।
मैंने अपना (मिन्नातुल्ला 20 वर्ष) व अपनी बहन गुलफशा (18 वर्ष) का फार्म भरा था। हम परिवार सहित बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क में रहता रहते हैं। मेरा फार्म कैंसिल कर दिया परंतु मेरी बहन का फार्म ओके कर दिया। मेरा  फार्म नं. 5468534 है। इसमें लिखा है कि मैं यहां रहता नहीं हूं जबकि यह मेरा पैतृक घर है। 
इस तरह कि परेशानी इनके साथ ही नहीं है ऐसे कई सारे लोग हैं जो अपने मत का प्रयोग करने से वंचित रह जाएंगे।
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