शनिवार, 27 सितंबर 2025

सत्यपाल मलिक जी का जीवन राजनीति में सच्चाई और ईमानदारी का प्रतीक था: बलविंदर सिंह


संवाददाता
नई दिल्ली। पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ राजनेता माननीय सत्यपाल मलिक जी को आज राजधानी दिल्ली के डॉ. बीआर अम्बेडकर भवन, रानी झांसी रोड, नई दिल्ली  में आयोजित एक भव्य श्रद्धांजलि सभा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, किसान नेता, बुद्धिजीवी वर्ग और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए बलविंदर सिंह, उपाध्यक्ष, दिल्ली प्रदेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचन्द्र पवार) ने कहा कि सत्यपाल मलिक जी का जीवन राजनीति में सच्चाई और ईमानदारी का प्रतीक था। उन्होंने सत्ता के सामने कभी सिर नहीं झुकाया और हर मौके पर किसानों, मजदूरों और आम जनता की आवाज़ को ताक़त दी। उनका स्पष्टवादी और निर्भीक स्वभाव हमें हमेशा याद रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।”

बलविंदर सिंह ने आगे कहा कि सत्यपाल मलिक जी ने हमेशा जनहित को सर्वोपरि रखा। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए भी उन्होंने किसानों के मुद्दों पर खुलकर बोलने का साहस दिखाया और यह संदेश दिया कि राजनीति का असली मक़सद जनता की सेवा होना चाहिए, न कि सत्ता का स्वार्थ।

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने भाजपा की जनविरोधी नीतियों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज किसानों से लेकर युवाओं तक हर वर्ग भाजपा सरकार की नीतियों से परेशान है। महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली ने जनता को झकझोर कर रख दिया है।

इस अवसर पर बलविंदर सिंह ने अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम भाजपा की जनविरोधी राजनीति को समाप्त करें और देश को एक नई दिशा दें। सत्यपाल मलिक जी का सपना भी यही था कि किसानों और आम जनता के हक़ की राजनीति मज़बूत हो। इसलिए मैं दिल्ली और देश की जनता से अपील करता हूँ कि आने वाले चुनावों में भाजपा को हटाकर INDIA गठबंधन को वोट दें। यही मलिक जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

सभा के अंत में सभी उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि सत्यपाल मलिक जी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए समाज में पारदर्शिता, ईमानदारी और जनता-केन्द्रित राजनीति को मज़बूत किया जाएगा।

पंजाब बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने पर इकबाल सिंह लालपुरा संस्था द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित


संवाददाता
नई दिल्ली अल्पसंख्यक विकास परिषद, नुसरत इस्लामिक स्कूल ऑफ़ एक्सिलेंस, जामिया इस्लामिया दिल्ली की तीनों संस्थाओं के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश के पार्ट-3 में स्थित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चैयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा के कार्यालय में मुलाकात करके पंजाब के हालात पर चर्चा की। पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की सहायता में सराहनीय कार्य करने पर तीनों संस्थाओं के सौजन्य से इकबाल सिंह लालपुरा को प्रशस्ति पत्र देते हुए मो. रियाज़ ने कहा आप और आपके पुत्र अजयवीर सिंह लालपुरा ने अपनी संस्था हयूमिटी फ्रस्ट के सौजन्य से बाढ़ पीड़ितों की निरंतर सहायता कर रहे हैं जो प्रषंस्नीय है इस बाढ़ में पंजाब के 1400 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं जहां मानव जीवन दरहम बरहम हो गया है जो काफी दुखद है। दुख और संकट की घड़ी में हम लोग पंजाब की जनता के साथ हैं इसी प्रकार के विचार व्यक्त किये डा. मो. एजाज, मज़ाहिर रज़ा ने। 
अंत में इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा मैं प्रशस्ति पत्र देने पर आप लोगों का धन्यवाद करता हूं, इस समय पंजाब की जनता को इंसानी हमदर्दी की ज़रूरत है। संकट की इस घड़ी में मुस्लिम भाइयों ने पंजाब के लोगों का बहुत साथ दिया जो सराहनीय है। बाढ़ के कारण जो माली नुकसान हुआ है उसे पूरा होने मे समय लगेगा, किसानों की फसल तबाह हो गई, मवेषी मारे गए इन सबकी भरपाई के लिए हम बराबर जनता के संपर्क में हैं पंजाब की राज्य सरकार ने दुख की इस घड़ी में जनता को अकेला छोड़ दिया है केन्द्रीय सरकार ने पंजाब सरकार को 16000 करोड़ का सहायता पेकेज दिया है जिससे काफी हद तक पंजाब के हालात बेहतर होंगे। इस अवसर पर उपस्थिित लोग जो इस प्रकार हैं डा. एस. एम कामरान, मो. आदिल सैफ़ी आदि।

गुरुवार, 25 सितंबर 2025

दिल्ली में पानी की समस्या को लेकर एनसीपी(एसपी) की दिल्ली इकाई ने जल मंत्री प्रवेश वर्मा को ज्ञापन सौंपा


नई दिल्ली। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बढ़ती पानी की समस्या को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचन्द्र पवार) की दिल्ली इकाई ने आज गंभीर चिंता व्यक्त की। इस मुद्दे पर आम जनता की आवाज़ उठाते हुए पार्टी के नेताओं ने दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी और जल मंत्री श्री प्रवेश वर्मा को ज्ञापन सौंपा।

यह डेलिगेशन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचन्द्र पवार) दिल्ली के संयोजक श्री डी. सी. कपिल के नेतृत्व में मंत्री महोदय से मिला और राजधानी में पानी की किल्लत को तत्काल दूर करने की मांग रखी।

ज्ञापन में कहा गया कि दिल्ली की बड़ी आबादी लंबे समय से स्वच्छ और पर्याप्त पानी की आपूर्ति से वंचित है। कई कॉलोनियों और बस्तियों में लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। इसके कारण जनता को निजी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
अगर देवली विधानसभा क्षेत्र के संगम विहार इलाके की ही बात करें तो यहां रोज़ाना लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और टैंकरों पर निर्भर होना उनकी मजबूरी बन चुकी है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचन्द्र पवार) के नेताओं ने मंत्री महोदय से तत्काल इन मुख्य बिंदु पर ठोस कदम उठाने की मांग की, जिनमें—सभी प्रभावित क्षेत्रों में नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना। अवैध टैंकर माफिया पर सख्ती से रोक लगाना। पाइपलाइन नेटवर्क की मरम्मत और विस्तार के लिए शीघ्र कार्यवाही करना। भविष्य में जल संकट से बचाव हेतु दीर्घकालिक योजना लागू करना।

इस अवसर पर पार्टी के दिल्ली संयोजक डी. सी. कपिल जी ने कहा कि दिल्ली की जनता पानी की भारी किल्लत से जूझ रही है। गर्मी हो या बरसात, हर मौसम में लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि तुरंत प्रभावी कदम उठाए, वरना जनता का धैर्य जवाब दे रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता की आवाज़ बुलंद करती रही है और आगे भी जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

इस मौके पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह ने कहा कि पानी हर नागरिक का बुनियादी हक है, इसे किसी भी कीमत पर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। दिल्ली जैसे बड़े महानगर में लोगों को आज भी पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़े, यह सरकार की नाकामी को दर्शाता है। यदि जनता को न्याय नहीं मिला, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचन्द्र पवार) सड़क से सदन तक इस लड़ाई को लड़ेगी। दिल्ली की जनता को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा, हम उनके अधिकार की लड़ाई पूरी ताक़त से लड़ेंगे।"

वहीं दिल्ली प्रदेश महासचिव, राजेश घाघट ने कहा कि आज पानी की समस्या दिल्ली की जनता के जीवन-मरण का सवाल बन गई है। टैंकर माफिया खुलेआम लूट मचा रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। हमारी मांग है कि तुरंत सख्त कार्रवाई हो और हर घर तक साफ पानी पहुंचे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जनता की ताक़त है और हम इस आंदोलन को हर गली-मोहल्ले तक ले जाएंगे।

महरौली जिला प्रभारी, प्रताप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि महरौली सहित दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत है। लोग रोज़ाना पीने के पानी के लिए लाइनें लगाने और टैंकरों पर निर्भर होने को मजबूर हैं। सरकार को चाहिए कि तुरंत स्थायी समाधान निकाले, वरना हम जनता के साथ सड़क पर उतरकर इस अन्याय के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।"

ज्ञापन सौंपने वाले डेलिगेशन में डीसी कपिल, बलविंदर सिंह, राजेश घाघट, प्रताप कुमार श्रीवास्तव, ताहिर अली, संतोष सिंह, राम सुभाष, चमन बरबूधे, प्रेम सिंह, नरेंद्र कुमार शामिल थे।

बुधवार, 24 सितंबर 2025

बसंत कुमार द्वारा लिखित पुस्तक "मुसहर समाज का इतिहास" नामक पुस्तक का लोकार्पण भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य डॉ. सत्य नारायन जटिया ने किया

नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बसन्त कुमार द्वारा लिखित प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक "मुसहर समाज का इतिहास" नामक पुस्तक का लोकार्पण भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य डॉ. सत्य नारायन जटिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय बौद्ध संघ के अध्यक्ष डा. संघप्रिय राहुल भंते जी उपस्थित रहे। आवश्यक कार्य के कारण एमएसएमई मंत्री जतीन राम मांझी नहीं आ सके। उनका संदेश उनके निजी सचिव एसपी पंत ने पढ़ा। कार्यक्रम में अनेक बुद्धिजीवियों और मीडिया के लोगो ने भाग लिया और मुसहर समाज की आर्थिक सामाजिक और शैक्षिक पिछड़े होने के कारणों और उनके उत्थान पर सार्थक चर्चा हुई।

आरक्षण सुधार: तीन पीढ़ियों के बाद नई नीति की आवश्यकता

ओंकार त्रिपाठी

देश को आज़ादी हुए 78 साल हो चुके हैं। इतने वर्षों में समाज में कई बदलाव आए, लेकिन कुछ पुरानी नीतियां अब समय की मांग के अनुरूप नहीं रह गई हैं। आरक्षण का मूल उद्देश्य पिछड़े और हाशिए पर खड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाना था। लेकिन आज, तीन से चार पीढ़ियों के गुजर जाने के बाद, यह व्यवस्था कई जगह केवल जातिगत पहचान का प्रतीक बन गई है।

जातिगत आरक्षण से आर्थिक लाभ सबसे अधिक होता है। नौकरी, शिक्षा और सरकारी योजनाओं में आरक्षण मिलने से जीवन बदल जाता है। लेकिन समस्या यह है कि गरीब लोग, जो किसी पिछड़ी जाति से नहीं हैं, इसका लाभ नहीं पा रहे हैं। वहीं, आर्थिक रूप से सशक्त लोग जातिगत पहचान के कारण लगातार इसका लाभ ले रहे हैं।

अब समय आ गया है कि नीति केवल जाति पर आधारित न रहे। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले किसी भी जाति या धर्म के व्यक्ति को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। ऐसा करने से वास्तविक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचेगी और समाज में न्याय की भावना मजबूत होगी।

जातिगत आरक्षण कई बार समाज में भेदभाव और विभाजन को भी बढ़ाता है। आर्थिक आधार पर आरक्षण से मदद केवल जरूरत के अनुसार दी जाएगी, न कि जाति के आधार पर। इससे समाज में समान अवसर और विश्वास की भावना विकसित होगी।

आरक्षण केवल कानून और सरकारी योजना तक सीमित नहीं होना चाहिए। समाज को भी इस बदलाव के लिए तैयार होना होगा। शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए, ताकि गरीब और पिछड़े लोग अपने दम पर आर्थिक स्थिति सुधार सकें। आर्थिक आधार पर आरक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि प्रयास और संसाधन वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचें।

आज जब हम समाज के आइने में खुद को देखते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि जातिगत आरक्षण अब पर्याप्त नहीं है। गरीबी और वंचना हर जाति में हैं। उनके लिए मदद का आधार केवल जरूरत होना चाहिए। देश की प्रगति तभी संभव है जब समाज के प्रत्येक वर्ग—आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से—समान रूप से आगे बढ़े।

आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करना न केवल नीति सुधार होगा, बल्कि समाज में अवसर और न्याय की भावना को भी पुनर्जीवित करेगा। तीन पीढ़ियों तक लाभान्वित वर्गों को देखकर यह स्पष्ट है कि अब समय है कि नीति केवल जाति की पहचान पर न टिके। गरीबी और जरूरत को आधार बनाकर आरक्षण देना ही सच्चा मार्ग है—वास्तविक समानता और न्याय की दिशा में।
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