भविष्य की आहट
डा. रवीन्द्र अरजरिया
भविष्य की आहट
डा. रवीन्द्र अरजरिया
नई दिल्ली। दिल्ली में हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद करने वाले सहयोगियों का सम्मान परिवर्तन एवं महिला शक्ति संगठन (रजि.) ने एक विशेष कार्यक्रम में किया। समाजसेवियों को उनके योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि बलविंदर सिंह, उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और कहा कि आपदा के समय मदद करने वाले साथी ही असली समाजसेवी हैं। यह सम्मान केवल एक काग़ज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके सेवा भाव की पहचान है। मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं और समाज की असली ताक़त भाईचारा है।बलविंदर सिंह ने आगे कहा कि आज देश गंभीर चुनौतियों से गुजर रहा है— महँगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, नौजवान बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं, किसान अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी नफरत की नहीं, बल्कि विकास और न्याय की राजनीति करती है। हम संविधान की रक्षा, लोकतंत्र की मजबूती और हर नागरिक को समान अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। यही कारण है कि आज देश को हमारी पार्टी की सख़्त ज़रूरत है।”
संस्था की भूमिका और पदाधिकारी - इस कार्यक्रम का संचालन संस्था की पूरी टीम ने मिलकर किया।
कार्यक्रम के अंत में बलविंदर सिंह ने सभी कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों से आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर देश में बदलाव की लड़ाई को मज़बूत करें। यही समय है एकजुट होकर गरीब, किसान, मज़दूर, नौजवान और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने का। हमारी ताक़त जनता है, और जनता के भरोसे ही देश को नई दिशा दी जा सकती है।
शिव शंकर द्विवेदी
नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः।पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा स्थित सीबीडी ग्राउंड में जैन युवा क्लब की ओर से भव्य मेले का आयोजन 12 सितम्बर से 16 सितम्बर 2025 तक किया गया। इस मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग पहुंचे और उत्साह का माहौल बना रहा। मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया, जिसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक कार्यक्रमों की श्रृंखला ने दर्शकों का मन मोह लिया।
खानपान के स्टॉलों पर उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय और जैन व्यंजनों की विविधता देखने को मिली। स्वादिष्ट पकवानों का आनंद उठाने के लिए लोगों में खासा उत्साह देखा गया। बच्चों ने झूलों और खिलौनों का भरपूर लुत्फ उठाया तो वहीं बुजुर्ग पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में खोए नजर आए।
मेले में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। स्थानीय पुलिस और स्वयंसेवकों की टीम लगातार सक्रिय रही जिससे भीड़भाड़ के बावजूद पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आने वाले साल फिर से मेले का धमाल होगा : गौरव जैन
मैं विशेष रूप से उन साथियों का आभार प्रकट करता हूँ जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाया। चाहे वह स्टॉल सजाना हो, मेहमानों का स्वागत करना हो, सुरक्षा की व्यवस्था हो या मंच संचालन - हर जगह हमारी टीम की प्रतिबद्धता झलक रही थी।
इस मेले ने न केवल हमें समाज से जोड़ा बल्कि हमारी टीम भावना को भी मजबूत किया। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में भी हम ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करेंगे और समाज को सकारात्मक ऊर्जा देने का कार्य करते रहेंगे।
संवाददाता