मंगलवार, 18 फ़रवरी 2025

सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) के एडमिट कार्ड लाइव

संवाददाता

भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी  (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) नियमित/स्वयंपाठी वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2025 के लिए प्रवेश-पत्र (एडमिट कार्ड) आज से बोर्ड वेबसाइट www.bseh.org.in पर जारी कर दिए गए हैं। सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) नियमित/स्वयंपाठी की वार्षिक परीक्षाएं 28 फरवरी से 19 मार्च तक तथा सीनियर सैकेण्डरी की परीक्षाएं 27 फरवरी से 29 मार्च, 2025 तक संचालित करवाई जाएगी। इन परीक्षाओं में प्रदेशभर में 1431 परीक्षा केन्द्रों पर करीब 516787 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे। जिसमें 2,72,421 लडक़े व 2,44,366 लड़कियां शामिल हैं। परीक्षाओं का समय दोपहर 12:30 बजे से 3:30 बजे तक रहेगा।

इस आशय की जानकारी देते हुए बोर्ड सचिव श्री अजय चोपड़ा, ह.प्र.से. ने आज यहां बताया कि सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2025 हेतु प्रवेश-पत्र (एडमिट कार्ड) आज से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लाईव कर दिए गए हैं। सभी विद्यालय मुखिया बोर्ड वेबसाइट www.bseh.org.in पर अपने यूजर आई.डी. व पासवर्ड से लॉगिन करके आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए विद्यालय में अध्ययनरत परीक्षार्थियों के प्रवेश-पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साईज पेपर पर डाउनलोड करना सुनिश्चित करें। यदि विवरणों में कोई त्रुटि है तो तुरंत बोर्ड कार्यालय में सम्पर्क करते हुए शुद्धि से सम्बन्धित मूल दस्तावेज एवं वांछित शुद्धि शुल्क सहित बोर्ड कार्यालय में उपस्थित होकर शुद्धि करवा सकते हैं। सभी परीक्षार्थी प्रवेश पत्र पर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त स्वयंपाठी परीक्षार्थी जिन द्वारा कम्पार्टमैंट(E.I.O.P.), अंक सुधार, अतिरिक्त विषय एवं पूर्ण विषय की परीक्षा दी जानी है वे अपना प्रवेश-पत्र बोर्ड वेबसाइट पर दिये गये लिंक से पिछला अनुक्रमांक/नाम, पिता का नाम, माता का नाम भरते हुए प्रवेश पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साईज पेपर पर डाउनलोड कर सकते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि मुक्त विद्यालय परीक्षा (फै्रश, रि-अपीयर, सी.टी.पी., ओ.सी.टी.पी., मर्सी चांस, पूर्ण विषय अंक सुधार व आंशिक अंक सुधार श्रेणी) के लिए परीक्षार्थी अपना पिछला अनुक्रमांक/नाम, पिता का नाम, माता का नाम /रजिस्ट्रेशन नं0 भरते हुए प्रवेश पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साईज पेपर डाउनलोड करें। यदि विवरणों में कोई अशुद्धि है तो शुद्धि हेतु परीक्षार्थी 24 फरवरी, 2025 तक मूल दस्तावेजों व शुद्धि शुल्क सहित बोर्ड कार्यालय में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर शुद्धि करवा सकते हैं। परीक्षा समाप्ति उपरांत फोटो व हस्ताक्षर में परिवर्तन की अनुमति किसी भी परीक्षार्थी को नहीं होगी। यदि किसी विद्यालय/स्वयंपाठी या मुक्त विद्यालय परीक्षार्थी का अनुक्रमांक किसी कारण से रोका गया है तो ऐसे विद्यालय/परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में व्यक्तिगत तौर पर वांछित साक्ष्यों/दस्तावेज सहित उपस्थित होकर अपना प्रवेश-पत्र जारी करवा सकते है।

सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) छात्र संख्या - उन्होंने बताया कि फरवरी/मार्च-2025 में संचालित होने वाली परीक्षा में 475620 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे। जिसमें सैकेण्डरी कक्षा के 277460 तथा सीनियर सैकेण्डरी के 198160 परीक्षार्थी शामिल हैं।

सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) छात्र संख्या - उन्होंने आगे बताया कि मुक्त विद्यालय परीक्षा में प्रदेशभर में करीब 41167 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे। जिसमें सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) कक्षा के 15935 परीक्षार्थी तथा सीनियर सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) के 25232 परीक्षार्थी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर बोर्ड वेबसाइट पर जारी हैल्पलाइन नं० 01664-254309, सैकेण्डरी शाखा की ई-मेल assec@bseh.org.in सीनियर सैकेण्डरी शाखा की  ई-मेल assrs@bseh.org.in व adhos@bseh.org.in पर तुरन्त सम्पर्क करते हुए समाधान करवाना सुनिश्चित करें।

सोमवार, 17 फ़रवरी 2025

लोकसभा आम चुनाव-2024 और दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 के लिए बेस्ट इलेक्टोरल प्रक्रियाओं के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार

संवाददाता 

नई दिल्ली। एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक विशेष समारोह में माननीय उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना ने लोकसभा आम चुनाव 2024 और दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान चुनावी प्रक्रिया में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रतिष्ठित अधिकारियों को सम्मानित किया।

चुनाव प्रबंधन में उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्य सचिव श्री धर्मेंद्र कुमार, दिल्ली पुलिस आयुक्त श्री संजय अरोड़ा, एमसीडी आयुक्त श्री अश्विनी कुमार, एनडीएमसी के अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा, एलजी के प्रधान सचिव श्री आशीष कुंद्रा, प्रधान सचिव, गृह श्री ए. अनबरसु, दिल्ली की मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती आर. एलिस वाज और विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

ये पुरस्कार कई श्रेणियों में दिए गए, जिनमें महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करना, आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का प्रवर्तन, आईटी नवाचार, सोशल मीडिया निगरानी, ​​चुनावी आउटरीच और मीडिया प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता दी गई।

दिल्ली के उपराज्यपाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 में समग्र चुनाव संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए श्रीमती आर एलिस वाज को लिए बेस्ट इलेक्टोरल प्रक्रियाओं के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष श्रेणी के पुरस्कारों में, श्री राजेश कुमार (विशेष सीईओ) को वैधानिक प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सम्मानित किया गया, जबकि श्री सचिन राणा, आईएएस (अतिरिक्त सीईओ) को आदर्श आचार संहिता लागू करने और सोशल मीडिया की निगरानी में उनकी उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, श्री डी. कार्तिकेयन (अतिरिक्त सीईओ) को आईटी नवाचारों के लिए, श्री मुकेश राजोरा (संयुक्त सीईओ) को चुनावी आउटरीच गतिविधियों के लिए और श्री गौरव यादव (संयुक्त सीईओ) को मीडिया और एमसीएमसी प्रबंधन के लिए सम्मानित किया गया। अन्य पुरस्कार विजेताओं का विवरण इस प्रकार है:

लोकसभा-2024 के आम चुनाव में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार।


1. रिटर्निंग अधिकारियों के लिए पुरस्कार 

सुश्री ईशा खोसला - PC नई दिल्ली

सुश्री वेदिता रेड्डी - PC उत्तर-पूर्व

श्री यश चौधरी  - PC चांदनी चौक


2. जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) के लिए पुरस्कार

सुश्री ऋषिता गुप्ता - जिला शाहदरा

सुश्री अंकिता आनंद  - जिला उत्तर-पश्चिम

श्री अमोल श्रीवास्तव - जिला पूर्व


3. एसडीएम (चुनाव) के लिए पुरस्कार

श्री वीरेंद्र कुमार - जिला उत्तर-पश्चिम 

श्री तपन कुमार झा - जिला उत्तर 

रविवार, 16 फ़रवरी 2025

केजरीवाल की हठधर्मिता ने डुबोई 'आप ' की नैय्या

तनवीर जाफ़री

दिल्ली की 70 सदस्यों की विधान सभा हेतु हुए 2015 के चुनाव में 70 में से 67 सीटें तथा 2019 में दिल्ली की सातवीं विधानसभा चुनाव में 62 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त करने वाली आम आदमी पार्टी पिछले दिनों दिल्ली चुनाव की जंग  हार गयी। भारतीय जनता पार्टी को जहां पूर्ण बहुमत के साथ जहां 48 सीटें हासिल हुई वहीं 'आप ' को केवल 22 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। आप के लिये सबसे बड़ा झटका यह भी रहा कि सत्ता गंवाने के साथ ही उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल सहित पार्टी के और भी कई दिग्गज नेता चुनाव हार गये। कुछ राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की पराजय से  पार्टी के अंत की शुरुआत हो चुकी है। यदि ऐसा है तो वास्तव में इसका ज़िम्मेदार कौन है ? क्या वजह थी कि  दिल्ली विधानसभा चुनाव में 43.57 प्रतिशत मत प्राप्त होने के बावजूद आप को केवल 22 विधानसभा सीटों पर ही जीत हासिल हुई जबकि भाजपा ने मात्र दो प्रतिशत अधिक यानी 45.56 प्रतिशत मत प्राप्त कर 48 सीटों पर जीत दर्ज की। नतीजों से साफ़ है कि भाजपा ने त्रिकोणीय संघर्ष का लाभ उठाकर ही आम आदमी पार्टी से 26 सीटें अधिक हासिल कीं और दिल्ली की सत्ता आप के हाथों से झटक ली। हालांकि हार के बावजूद आम आदमी पार्टी के इस तर्क को भी नकारा नहीं जा सकता कि बावजूद इसके कि बीजेपी के साथ प्रोपेगंडा,सरकार की सारी मशीनरी ,मीडिया,धनबल व बाहुबल सब कुछ थे,फिर भी उसे आप से मात्र दो प्रतिशत ही ज़्यादा वोट मिले हैं।

सवाल यह है कि 2011 में यू पी ए सरकार के विरुद्ध भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद  26 नवंबर 2012 को देश के अनेक बुद्धिजीवियों द्वारा अरविन्द केजरीवाल के राष्ट्रीय संयोजकत्व में स्थापित की गयी आम आदमी पार्टी जोकि न केवल दिल्ली में सत्ता में थी बल्कि वर्तमान समय में देश के समृद्ध राज्य पंजाब में भी सत्तारूढ़ है वही नया नवेला राजनैतिक दल आख़िर किन वजहों से और किन परिस्थितियों में इस अंजाम तक जा पहुंचा कि आज 'आप ' के 'अंत' पर चर्चा छिड़ गयी है ? सच पूछिये तो दिल्ली में भाजपा की संभावित फ़तेह की सुगबुगाहट तो दरअसल उसी समय शुरू हो गयी थी जबकि 'आप ' ने विगत अक्टूबर 2024 को हरियाणा में हुये विधानसभा चुनाव में 'इण्डिया ' गठबंधन घटक का सदस्य होने के बावजूद राज्य की 89 सीटों पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस को हरियाणा की सत्ता में वापसी से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग़ौरतलब है कि कांग्रेस हरियाणा में 90 में 7 सीटें आप के लिये छोड़ने को तैयार थी परन्तु केजरीवाल की ज़िद थी कि कांग्रेस उसे 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करने दे। इस बात पर दोनों दलों में समझौता नहीं हो सका। और आप ने 89 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिये। नतीजतन  AAP को राज्य भर में केवल 1.53% वोट प्राप्त हुए। जिन्होंने कांग्रेस को हराने व भाजपा को जिताने में अहम भूमिका निभाई। 2024 में आप द्वारा 10 सीटें तब मांगीं जा रही थीं जबकि 2019 में आम आदमी पार्टी का वोट शेयर NOTA से भी काफ़ी कम था। इसी हरियाणा चुनाव परिणाम के बाद ही दिल्ली में भी इसी तरह के चुनाव परिणाम की उम्मीद की जाने लगी थी। 

ज़ाहिर है ऐसे विध्वंसक फ़ैसले लेने के लिये स्वयं अरविन्द केजरीवाल ही ज़िम्मेदार थे। वैसे भी 2012 में 'आप ' अपने गठन के साथ ही उस समय विवादों में आ गयी थी जबकि अन्ना हज़ारे ने केजरीवाल द्वारा आम आदमी पार्टी के रूप में नया राजनैतिक दल बनाने की कोशिश का विरोध किया था। हालांकि अन्ना हज़ारे व केजरीवाल दोनों ही नेताओं को लेकर एक बड़े राजनैतिक विश्लेषक वर्ग का यह भी मानना है कि अन्ना आंदोलन हो या केजरीवाल की तर्ज़ -ए -सियासत,दरअसल यह सब कांगेस के विरोध में तथा भाजपा को फ़ायदा पहुँचाने के लिये रचा गया एक बड़ा राजनैतिक चक्रव्यूह है,अन्यथा क्या कारण है कि जिस जनलोकपाल को लेकर आंदोलन व राजनैतिक दल खड़ा किया गया था उसका ज़िक्र इन्हीं नेताओं के मुंह से अब क्यों सुनाई नहीं देता। पिछले दस सालों में बड़े से बड़े घोटाले उजागर हुये, उनके विरोध अन्ना हज़ारे ने आंदोलन क्यों नहीं किया ? 

इसके अलावा आप के गठन के फ़ौरन बाद ही जिसतरह पार्टी के संस्थापक लोगों व अनेक बुद्धिजीवियों द्वारा पार्टी छोड़ने का सिलसिला शुरू हुआ उसका भी मुख्य कारण केजरीवाल का ज़िद्दीपन व उनकी हठधर्मिता ही थी। क्या वजह थी कि आम आदमी पार्टी को सबसे पहले चंदा देने वाले पूर्व क़ानून मंत्री सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील शांति भूषण जिन्होंने पार्टी की स्थापना पर 1 करोड़ रुपए का चंदा दिया था, 2014 से ही उनका 'आप' से मोहभंग हो गया ? शांति भूषण ने उसी समय केजरीवाल को अनुभवहीन, दिल्ली विधानसभा चुनावों में टिकट बंटवारे में गड़बड़ी करने व पार्टी में मनमानी चलाने जैसे अनेक आरोप लगाए थे। इसी तरह केजरीवाल के एक और ख़ास साथी एक्टिविस्ट आशीष खेतान, एक प्रसिद्ध टीवी न्यूज़ चैनल के मैनेजिंग एडिटर के पद से इस्तीफ़ा देकर आम आदमी पार्टी में शामिल होने वाले आशुतोष,पार्टी का थिंक टैंक व पार्टी की क़ानूनी लड़ाई लड़ने वाले वाले प्रशांत भूषण जैसे साथियों को केजरीवाल संभाल नहीं सके। इसी तरह राजनीतिक विचारक योगेंद्र यादव को जोकि आम आदमी पार्टी के लिए चुनावी रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाते थे उन्हें भी प्रशांत भूषण के साथ ही पार्टी विरोधी गतिविधिय़ों के आरोप में पार्टी से निकाल दिया गया। समाजशास्त्री आनंद कुमार,पैथोलॉजिस्ट अंजली दमानिया, सामाजिक कार्यकर्ता मयंक गांधी,किरन बेदी ,शाज़िया इल्मी, विनोद कुमार बिन्नी,कपिल मिश्रा,एमएस धीर सहित और भी कई नेता या तो पार्टी छोड़ गये या फिर निष्क्रिय हो गये। ऐसे सभी नेता केजरीवाल के साथ काम कर पाने में स्वयं को असहज महसूस कर रहे थे। परिणामस्वरूप अनेक साथी नेताओं के मना करने के बावजूद केजरीवाल अपनी ज़िद में ही दिल्ली में विवादित शराब नीति लाये जोकि उनकी राजनैतिक तबाही व बदनामी का कारक साबित हुई।   

अब सत्ता से हटते ही भाजपा ने केजरीवाल को राजनैतिक रूप से समाप्त करने का प्लान तैयार कर लिया है। जहाँ भाजपा की गिद्ध दृष्टि अब पंजाब की आप सरकार पर जा टिकी है वहीँ भाजपा ने एम सी डी के भी फ़िलहाल तीन 'आप ' पार्षद झटक लिये हैं। साथ ही केंद्रीय सतर्कता आयोग ने केजरीवाल के 6 फ़्लैग स्टाफ़ बंगले के नवीनीकरण पर हुए बेतहाशाख़र्च की जांच का आदेश भी दे दिया है। भाजपा द्वारा केजरीवाल के इस सरकारी आवास को 'शीश महल' का नाम दिया गया था तथा इसे उनके विरुद्ध चुनावी मुद्दा बनाया गया था। बहरहाल मात्र दिल्ली की हार से आप के अंत की भविष्यवाणी करना तो फ़िलहाल मुनासिब परन्तु इतना ज़रूर कहा जा सकता है कि केजरीवाल की ज़िद व उनकी हठधर्मिता के चलते ही 'आप ' की नैय्या डूब रही है। 

संपर्क: 9896219228

शनिवार, 15 फ़रवरी 2025

विजयन बाला की नई पुस्तक का नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में विमोचन

 खेल ब्यूरो

नई दिल्ली। भारत के ओलंपिक पदक विजेताओं पर अपनी बहुचर्चित पुस्तक के बाद, विजयन बाला अब एक नई पुस्तक लेकर आए हैं, जिसमें इस बार ओलंपिक इतिहास और दुनिया भर के सितारों के बारे में बताया गया है।

विश्व के सबसे महान खेल आयोजन का इतिहास और सितारे: एथेंस 1896 से पेरिस 2024 तक, इस पुस्तक में विश्व के 82 सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित ओलंपिक सितारों के जीवन और उपलब्धियों के बारे में बताया गया है, तथा इसमें दुर्लभ तस्वीरें, दिलचस्प किस्से और संक्षिप्त ओलंपिक इतिहास शामिल हैं।

"भारतीय पदक विजेताओं पर पिछली किताब के बाद, मैंने सोचा कि हम खुद को भारतीय खेलों तक ही क्यों सीमित रखें? क्यों न वैश्विक स्तर पर जाएं और पाठकों को कुछ महानतम खिलाड़ियों के बारे में बताएं और बताएं कि उन्होंने सभी प्रकार की कठिनाइयों पर कैसे विजय प्राप्त की? इस तरह यह किताब लिखी गई है।"

इतिहास और सितारे

विश्व का सबसे बड़ा खेल आयोजन

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर बाला ने कहा, "इस पुस्तक के लिए सबसे पहले एक नाम पर विचार किया गया था और अंतिम 82 नामों पर निर्णय लेने में काफी शोध और विचार-मंथन हुआ।"

वंडर हाउस बुक्स द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में नादिया कोमनेसी और कार्ल लुईस जैसे कुछ प्रसिद्ध नाम शामिल हैं, लेकिन कुछ कम प्रसिद्ध नाम भी हैं, जिनमें हंगरी के 25 मीटर रैपिड फायर शूटर करोली टाकाक्स शामिल हैं, जिन्होंने ग्रेनेड विस्फोट में अपना दाहिना हाथ खो दिया था।

वह एक ऐसे व्यक्ति थे जो अपने बाएं हाथ से निशाना लगाने में असमर्थ थे, लेकिन उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक अपने बाएं हाथ से निशानेबाजी का प्रशिक्षण लिया और 1948 और 1952 के ओलंपिक में लगातार स्वर्ण पदक जीते।

हालाँकि, इस सूची में केवल एक भारतीय ध्यानचंद हैं और इस अवसर पर हॉकी के दिग्गज अजीतपाल सिंह और हरबीर सिंह उनके सम्मान में उपस्थित थे।

"मेरे लिए, 1968 में मैक्सिको में पश्चिम जर्मनी के खिलाफ खेला गया मैच हमेशा विशेष रहेगा, क्योंकि यह मेरा पहला ओलंपिक मैच था और हम अपना पहला मैच न्यूजीलैंड से हार गए थे।"

अजीतपाल ने याद करते हुए कहा, "पिछली रात मैं सो नहीं सका। जर्मन शक्तिशाली थे, लेकिन मैंने दबाव को नियंत्रित किया और यह मेरी ओलंपिक तस्वीर यात्रा की शुरुआत थी।"

दिलचस्प बात यह है कि हरबिंदर ने इसी खेल को अपने पसंदीदा क्षणों में से एक बताया, जिसमें उन्होंने सर्कल के ऊपर से रिवर्स फ्लिक के साथ गोल किया था।

गुरुवार, 13 फ़रवरी 2025

सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) एवं डी.एल.एड. प्रथम वर्ष (रि-अपीयर) परीक्षा फरवरी/मार्च-2025 के तिथि-पत्र में हुआ संशोधन

संवाददाता

भिवानी।  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सचिव श्री अजय चोपड़ा, ह.प्र.से. ने आज यहां बताया कि सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) एवं डी.एल.एड. प्रथम वर्ष (रि-अपीयर) परीक्षाओं के तिथि-पत्र में संशोधन किया गया है।

उन्होंने बताया कि सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की 01 मार्च को होने वाली Hindi Core, Hindi Elective, English Special for foreign Student in Lieu of Hindi Core विषय की परीक्षा 26 मार्च को तथा 26 मार्च को होने वाली Sanskrit, Urdu, Bio-Technology की परीक्षा 19 मार्च को संचालित होंगी। 27 मार्च को होने वाली Computer Science, IT&ITES(Information Technology & Enabling Services, For Govt. Model Sr. Sec. School, SLCE Sec-28 Faridabad Only) की परीक्षा 13 मार्च एवं 01 अप्रैल को होने वाली Physical Education की परीक्षा 28 मार्च, 2025 को संचालित होगी। इसके अतिरिक्त 02 अप्रैल को होने वाली Retail(NSQF), Automotive(NSQF), Private Security(NSQF), IT-ITES(NSQF), Healthcare(NSQF), Physical Education(NSQF), Beauty& Wellness(NSQF), Tourism and Hospitality(NSQF), Agriculture(NSQF), Banking, Financial Services & Insurance(NSQF), Apparel, Made-ups and Home Furnishing(NSQF), Office Secretary ship and Stenography in Hindi, Office Secretary Ship and Stenography in English, Sanskrit Vyakran Part-2(Aarsh Padhdti Gurukul), Sanskrit Vyakran Part-2 (Paramparagat Sanskrit Vidyapeeth) विषय की परीक्षा 27 मार्च तथा 28 मार्च  को होने वाली Agriculture, Philosophy विषय की परीक्षा अब 05 मार्च, 2025 को संचालित करवाई जाएगी।

उन्होंने आगे बताया कि डी.एल.एड. प्रथम वर्ष (रि-अपीयर) की 01 मार्च को होने वाली DE-102-Education, Society, Curriculum and Learner विषय की परीक्षा 25 मार्च को संचालित करवाई जाएगी। शेष परीक्षाओं की तिथियां यथावत् रहेंगी।

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