गुरुवार, 16 जनवरी 2025

ऐसा अद्भुत आयोजन संकल्प से ही संभव

अवधेश कुमार

प्रयागराज त्रिवेणी संगम से आ रहे दृश्य अद्भुत हैं। संपूर्ण पृथ्वी पर भारत ही एकमात्र देश है जहां इस तरह के अद्भुत आयोजन संभव हैं। केवल भारत नहीं, संपूर्ण विश्व समुदाय के लिए यह न भूतो वाली स्थिति है। न भविष्यति इसलिए नहीं कह सकते कि एक बार जब देश और नेतृत्व अपनी प्रकृति को पहचान कर आयोजन करता है तो वह एक मानक बन जाता है और आगे ऐसे आयोजनों को और श्रेष्ठ करने की प्रवृत्ति स्थापित होती है। यह मानना होगा कि 144 वर्ष बाद पौष पूर्णिमा पर बुधआदित्य योग जिसे, महायोग युक्त कह रहे हैं , उस महाकुंभ का श्री गणेश उसकी आध्यात्मिक दिव्यता के अनुरूप करने की संपूर्ण कोशिश केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किया है। भारत में दुर्भाग्यवश ,राजनीतिक विभाजन इतना तीखा है कि ऐसे महान अवसरों, जिससे केवल भारत और विश्व नहीं संपूर्ण ब्रह्मांड के कल्याण का भाव पैदा होने की आचार्यों की दृष्टि है, उसमें भी नकारात्मक वातावरण बनाया जा रहा है। होना यह चाहिए था कि राजनीतिक मतभेद रहते हुए भी संपूर्ण भारत और विशेष कर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक दल  ऐसे शुभ और मंगलकारी आयोजन पर साथ खड़े होते, आने वालों का स्वागत करते और संघर्ष, तनाव, झूठ, पाखंड, ईर्ष्या, द्वेष, घृणा से भरे विश्व में भारत से शांति की आध्यात्मिक सलिला का मूर्त अमूर्त संदेश विस्तारित होता। हमारे देश का संस्कार इतना सुगठित और महान है कि नेताओं के वक्तव्यों की अनदेखी करते हुए करोड़ों लोग अपने साधु-संतों, आचार्यों के द्वारा दिखाए रास्ते का अनुसरण करते हुए जाति, पंथ, क्षेत्र, भाषा, राजनीति सबका भेद भूलकर संगम में डुबकी लगाते, आवश्यक अपरिहार्य कर्मकांड करते आकर्षक दृश्य उत्पन्न कर रहे हैं, अन्यथा समाजवादी पार्टी और उनके नेता जिस तरह के वक्तव्य दे रहे हैं उनसे केवल वातावरण विषाक्त होता।

थोड़ी देर के लिए अपनी दलीय राजनीति की सीमाओं से बाहर निकलकर विचार करिए। क्या स्वतंत्र भारत में पूर्व की सरकारों ने ऐसे अनूठे उत्सव या आयोजन को उसके मूल संस्कारों और चरित्र के अनुरूप भव्यता प्रदान करने, संपूर्णता तक पहुंचाने एवं संपूर्ण विश्व को बगैर किसी शब्द का प्रयोग करें भारत के आध्यात्मिक अनुकरणीय शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए इस तरह केंद्रित उद्यम और व्यवस्थाएं किए थे? इसका ईमानदार उत्तर है, बिल्कुल नहीं। कहने का तात्पर्य यह नहीं कि पूर्व सरकारों ने कुंभ के लिए कुछ किया ही नहीं। लाखों करोड़ों व्यक्ति और संपूर्ण भारत के सारे संत -संन्यासी -साधू -महंत आचार्य दो महीने के लिए वहां उपस्थित हों तो सरकारों के लिए उसकी व्यवस्था और अपरिहार्य हो जाती है। सच यह है कि जिस तरह केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार ने कुंभ को उसकी मौलिकता के अनुरूप वर्तमान देश, काल, स्थिति के साथ तादात्म्य बिठाते हुए कार्य किया वैसा पहले कभी नहीं हुआ। वास्तव में हमारे शीर्ष नेतृत्व में देश और प्रदेश दोनों स्तरों पर एक साथ कभी ऐसे लोग नहीं रहे जिन्हें  महाकुंभ या हमारे धार्मिक- सांस्कृतिक- आध्यात्मिक आयोजनों, मुहूर्तों, कर्मकांडों का महत्व, इसका आयोजन कैसे, किनके द्वारा , किन समयों पर होना चाहिए ना इसका पूरा ज्ञान रहा और न लेने के लिए कभी इस तरह पर्यत्न हुआ। प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संन्यासी हैं और उन्हें इसका ज्ञान है। उनके मंत्रिमंडल में भी ऐसे साथी हैं जो इन विषयों को काफी हद तक समझते हैं, जिनकी निष्ठा है। निष्ठा हो और संकल्प नहीं हो तो ज्ञान होते हुए भी साकार नहीं हो सकता। आप योगी आदित्यनाथ के समर्थक हों या विरोधी इन विषयों पर उनकी समझ, निष्ठा व संकल्पबद्धता को किसी दृष्टि से नकार नहीं सकते। जब इस तरह की टीम होती है तभी महाकुंभ, अयोध्या या काशी विश्वनाथ अपनी मौलिकता के साथ संपूर्ण रूप से प्रकट होता है। केंद्र का पूरा मार्गदर्शन और उसके अनुरूप सहायता हो तो समस्याएं नहीं आती।

2017 में प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद प्रयागराज में ही 2019 में अर्धकुंभ आयोजित हुआ था और वहां से नया स्वरूप सामने आना आरंभ हुआ। पहली बार लोगों ने केंद्र व प्रदेश का संकल्प देखा तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पानी को अधिकतम संभव शुद्ध और स्वच्छ बनाने के लिए मिलकर दिन रात एक किया। 2019 में पहली बार राज्य सरकार ने 2406.65 करोड़ व्यय किया जिसकी पहले कल्पना नहीं थी। इस बार सरकार की ओर से 5496.48 करोड रुपए व्यय अभी तक हुआ और केंद्र ने भी इसमें 2100 करोड रुपए का अतिरिक्त सहयोग दिया है। कुंभ के आयोजन के साथ गंगा और यमुना दोनों में शून्य डिस्चार्ज सुनिश्चित करने की कोशिश हुई है। सभी 81 नालों का स्थाई निस्तारण सुनिश्चित करने की तैयारी की गई। यह तो नहीं कह सकते कि गंगा, यमुना और त्रिवेणी संगम का जल शत-प्रतिशत शुद्ध और स्वच्छ हो गया, किंतु अधिकतम कोशिश कर हरसंभव परिणाम तक ले जाने के परिश्रम से हम इन्कार नहीं कर सकते। कुंभ को हरित कुंभ बनाने की दृष्टि से पहली बार मोटा- मोटी 3 लाख के आसपास पौधों के रोपण का आंकड़ा है। पहले भी वृक्षारोपण होते थे किंतु संख्या अत्यंत कम होती थी। ऐसे आयोजनों में स्वच्छता के अभाव में लोगों में अनेक स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा होती हैं। केवल रिकॉर्ड संख्या में डेढ़ लाख शौचालय बनाए गए बल्कि 10 हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग 1230 किलोमीटर पाइपलाइन, 200 वाटर एटीएम तथा 85 नलकूप अधिष्ठान की व्यवस्था है। हालांकि हिंदुओं और सनातनियों के अंदर तीर्थयात्राओं में कष्ट सहने की मानसिकता और संस्कार है। हमारा चरित्र ऐसा है जहां जो कुछ व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं उसी में अपना कर्मकांडीय दायित्व पूरी करते हैं। किंतु सरकार व्यवस्था करे तो सब कुछ आसान सहज और अनुकूल होता है। सबसे बड़ी बात कि अखाड़ों ,आश्रमों आदि की परंपराओं के अनुरूप व्यवस्था करना ताकि कर्मकांड संपूर्ण नियमों के साथ ही सुनिश्चित हो, मुख्य शाही स्नान ठीक मूहूर्त पर शास्त्रीय विधियो से संपन्न हों कम इसकी व्यवस्था तो पूर्व सरकारों इस तरह संभव ही नहीं थी। इसके साथ मीडिया को भारत और संपूर्ण विश्व में इसकी संपूर्ण भव्यता दिव्यता और आकषर्णकारी शक्ति को प्रसारित करने की दृष्टि से उपयोग करने की ऐसी व्यवस्था की तो संभावना भी नहीं थी। आप राजनीतिक रूप से  आलोचना करिए किंतु सत्य है कि हमारे राजनीतिक नेतृत्व और नौकरशाही ने कभी ऐसे अवसरों को इस तरह जन-जन तक मीडिया के माध्यम से पहुंचाने और लोगों के अंदर आने की भावना पैदा करने की दृष्टि से विचार ही नहीं किया। टीवी चैनलों पर विहंगम दृश्य देखकर आम लोगों की प्रतिक्रियाएं हैं कि एक बार अवश्य जाना जाकर वहां डुबकी लगानी चाहिए। इसे ही कहते हैं सही समय पर मीडिया के सही उपयोग से धार्मिक आध्यात्मिक भाव- सद्भाव पैदा करना। कभी भी ऐसे आयोजनों में मीडिया और पत्रकारों के लिए भी व्यवस्था होनी चाहिए इसके पूर्व कोशिश नहीं हुई। अयोध्या में पिछले वर्ष श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में हमने प्रदेश सरकार की पहली बार ऐसी व्यवस्था देखी और अब महाकुंभ में उसका विस्तार है।

धीरे-धीरे अब परंपरागत आर्थिक विशेषज्ञ भी मानने लगे हैं कि भारत अगर विश्व की आर्थिक और आदर्श महाशक्ति बनेगा तो अध्यात्म-संस्कृत की क्षमता का उसमें सर्वाधिक योगदान होगा। मोटा - मोटी निष्कर्ष यह है कि लगभग 40 करोड लोग 45 दिनों में आते हैं तो दो से चार लाख तक का कारोबार हो सकता है। आयोजन के निर्माण में तैयार आधारभूत व्यवस्थाएं भविष्य में भी ऐसे स्थानों पर तीर्थ यात्रियों और आधुनिक संदर्भ में पर्यटकों को सतत् आकर्षित करने का ठोस आधार बना रहेगा। अर्थात आर्थिक व व्यावसायिक गतिविधियों का अस्थाई स्थिर चक्र कायम रहेगा। कितने लोगों को जीवन यापन यानि रोजगार ,आर्थिक समृद्धि, परिवारों में खुशहाली और संपन्नता प्राप्त होगी इसकी कल्पना करिए। दुर्भाग्य से गुलामी के काल में अपनी ही महान आध्यात्मिक शक्ति, संस्कृति, कर्मकांड आदि को पिछड़ापन, अंधविश्वास कहकर हमें उससे दूर किया गया और संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था शिक्षित लोगों के अंदर इसके प्रति वितृष्णा पैदा करती रही। सच यह है कि ऐसे आयोजन जन कल्याण, राष्ट्र, अभ्युदय और संपूर्ण विश्व ब्रह्मांड के अंदर स्वाभाविक शांति की अमूर्त अंत:शक्ति पैदा करते हैं। साधु-संतों, अखाड़ों का स्नान, यज्ञ, अनुष्ठान आदि उनकी व्यक्तिगत कामना के लिए नहीं विश्व कल्याण पर केंद्रित होता है। एक साथ हजारों की संख्या में यज्ञ अनुष्ठान से बना माहौल , मंत्रों की ध्वनि संगीत , जयकारे सब सूक्ष्म रूप से पूरे वातावरण में कैसी दिव्यता उत्पन्न करेंगे इसकी कल्पना करिए।

पता: अवधेश कुमार, ई-30, गणेश नगर , पांडव नगर कंपलेक्स, दिल्ली -110092, मोबाइल -98110 27208

क्या बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार आप के पूर्व मुस्लिम विधायक ही दे रहे हैं दिल्ली सरकार मंत्री गोपाल राय को टक्कर

असलम अल्वी 
9650389465
पूर्वी दिल्ली। उत्तर पूर्वी जिले में बाबरपुर राजनीतिक नजरिये से हाट सीट है। इस सीट पर पिछले दो विधानसभा चुनाव से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रमुख व दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय विजेता है। इस बार कांग्रेस ने इस सीट पर ऐसा पत्ता फेंका है, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।
आप के पूर्व विधायक हाजी इशराक खान को गोपाल राय की टक्कर में उतारा है। इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ठीक ठाक है। तीन बार कांग्रेस यहां मुस्लिम प्रत्याशियों पर दाव खेल चुकी है। लेकिन वह प्रत्याशी यहां कमाल नहीं दिखा सके।
इस बार फिर से कांग्रेस ने मुस्लिम उम्मीदवार पर भराेसा जताते हुए मैदान में उतारा है। वर्ष 1998 में कांग्रेस ने इस सीट पर अब्दुल हमीद को मैदान में उतारा था, वह बहुत कम अंतर से चुनाव में हारे थे।
गोपाल राय को भाजपा के प्रत्याशी ने पछाड़ा-राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी के गठन के बाद कांग्रेस के काफी मतदाता पार्टी को छोड़कर आप में चले गए थे। वर्ष 2013 में इस सीट से आप के कद्दावर नेता गोपाल राय (Gopal Rai) को भाजपा के प्रत्याशी ने हरा दिया था।
कांग्रेस के मुस्लिम प्रत्याशी यहां दूसरे नंबर पर रहे थे, जबकि गोपाल राय तीसरे स्थान पर थे। वर्ष 2015 में आप ने दिल्ली में मजबूती से चुनाव लड़ा और यहां से गोपाल राय पहली बार आप से विधायक बने।
इस चुनाव में कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारा था, लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस ने इस वर्ष होने वाले चुनाव में फिर से मुस्लिम प्रत्याशी उतारा है, वह कितना कमाल कर पाएंगे। यह चुनाव में पता चलेगा।
जब विनय शर्मा ने रोक था भाजपा के दिग्गज विधायक गौड़ का विजय रथ-बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा से नरेश गौड़ चार बार विधायक रहे हैं। वर्ष 1993 में वह पहली बार और दूसरी बार 1998 में विधायक बने। भाजपा ने उनपर तीसरी बार भरोसा जताकर वर्ष 2003 के चुनाव में उन्हें फिर से मैदान उतार दिया।
उधर कांग्रेस ने पहली बार विनय शर्मा चुनानी मैदान में उतारा। शर्मा ने गौड़ के विजय रथ को थामकर यहां जीत का परचम लहराया। कांग्रेस वर्ष 2003 में ही यह सीट जीत सकी। उसके बाद यहां भाजपा आप का कब्जा रहा।

मंगलवार, 14 जनवरी 2025

दिल्ली चुनाव: कांग्रेस की तीसरी लिस्ट आई, ओखला से अरीबा खान, गांधी नगर से कमल अरोड़ा

असलम अल्वी

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की अपनी तीसरी सूची जारी कर दी है. पार्टी ने अरीबा खान को ओखला विधानसभा सीट से मैदान में उतारा है. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ को पटेल नगर से टिकट दिया है. पार्टी ने गोकलपुर से अपना प्रत्याशी बदल दिया है. अब तक कांग्रेस 63 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है.

कांग्रेस की तीसरी सूची में 16 उम्मीदवारों के नाम हैं. पार्टी ने गोकलपुर-एससी सीट से प्रमोद कुमार जयंत की जगह अब ईश्वर बागड़ी को टिकट दिया है. वहीं घोंडा सीट से वरिष्ठ नेता भीष्म शर्मा पर भरोसा जताया गया है. इससे पहले कांग्रेस ने अपनी दूसरी लिस्ट में 26 नामों का ऐलान किया।


कांग्रेस ने जंगपुरा फरहाद सूरी को टिकट दिया है. ये आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सीट है. इसके अलावा सीमापुरी से राजेश लिलोठिया, उत्तम नगर से मुकेश शर्मा और बिजवासन से देवेंद्र सहरावत चुनाव लड़ेंगे।
इससे पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था. कांग्रेस ने नरेला से अरुणा कुमारी, बुराड़ी से मंगेश त्यागी, आदर्श नगर से शिवांक सिंघल, बादली से देवेंद्र यादव, सुल्तानपुर माजरा से जय किशन, नागलोई जाट से रोहित चौधरी, सलीमगढ़ से प्रवीन जैन को टिकट दिया है. वहीं, वजीरपुर से रागिनी नायक, सदर बाजार से अनिल भारद्वाज, चांदनी चौक से मुदित अग्रवाल, बल्लीमारान से हारून यूसुफ को टिकट दिया गया।
इनके अलावा तिलक नगर से पीएस बावा, द्वारका से आदर्श शास्त्री, नई दिल्ली से संदीप दीक्षित को टिकट दिया है. कस्तूरबा नगर से अभिषेक दत्त, छतरपुर से राजेंद्र तंवर, अंबेडकर नगर से जय प्रकाश, ग्रेटर कैलाश से गार्वित सिंघवी, पटपड़गंज से अनिल कुमार, सीलमपुर से अब्दुल रहमान और मुस्तफाबाद से अली मेहदी को टिकट दिया गया है।



दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2025 के 48 कांग्रेस उम्‍मीदवारों की सूची

  1.  नई दिल्ली सीट से संदीप दीक्षित
  2. बादली सीट से देवेंद्र यादव
  3. बल्लीमारान सीट से हारुन युसूफ
  4. पटपड़गंज सीट से चौ. अनिल कुमार
  5. मुस्तफाबाद सीट से अली मेहदी
  6. सदर सीट से अनिल भारद्वाज
  7. नांगलोई सीट से रोहित चौधरी
  8. कस्तुरबा नगर सीट से अभिषेक दत्त
  9. वजीरपुर सीट से रागिनी नायक
  10. सीलमपुर सीट से अब्दुल रहमान
  11. नरेला सीट से अरुणा कुमारी
  12. बुराड़ी सीट से मंगेश त्यागी
  13. आदर्श नगर सीट से शिवांश सिंघल
  14. सुल्तानपुर माजरा (एससी) सीट से जयकिशन
  15. शालीमार बाग सीट से प्रवीण जैन
  16. तिलकनगर सीट से पीएस बावा
  17. द्वारका सीट से आदर्श शास्त्री
  18. छतरपुर सीट से राजिंदर तंवर
  19. अंबेडकरनगर (एससी) सीट से जय प्रकाश
  20. ग्रेटर कैलाश सीट से गर्वित सिंघवी
  21. चांदनी चौक सीट से मुदित अग्रवाल
  22. रिठाला सीट से सुशांत मिश्रा
  23. मंगोलपुरी (अनुसूचित जाति) सीट से हनुमान चौहान
  24. शकूर बस्ती सीट से सतीश लूथरा
  25. त्रिनगर सीट से सतेंद्र शर्मा
  26. मतिया महल सीट से असिम अहमद खान
  27. मोती नगर सीट से राजेंद्र नामधारी
  28. मादीपुर (अनुसूचित जाति) सीट से जेपी पंवार

29 राजौरी गार्डन सीट से धर्मपाल चांडेल
30 उत्तम नगर सीट से मुकेश शर्मा
31 मतिआला सीट से रघुविंदर शोकीन
32 बिजवासन सीट से देवेंद्र सहरावत
33 दिल्ली कैंट सीट से प्रदीप कुमार उपमन्यु
34 राजेंद्र नगर सीट से विनीत यादव
35 जंगपुरा सीट से फरहद सूरी
36 मालवीय नगर सीट से जितेंद्र कुमार कोचर
37 महरोली सीट से पुष्पा सिंह
38 देओली (अनुसूचित जाति) सीट से राजेश चौहान
39 संगम विहार सीट से हर्ष चौधरी
40 त्रिलोकपुरी (अनुसूचित जाति) सीट से अमरदीप
41 कोंडली (अनुसूचित जाति) सीट से अक्षय कुमार
42 लक्ष्मी नगर सीट से सुमित शर्मा
43 कृष्ण नगर सीट से गुरचरण सिंह राजू
44 सीमापुरी (अनुसूचित जाति) सीट से राजेश लिलोठिया
45 बाबरपुर सीट से हाजी मोहम्मद इशराक खान
46 गोकलपुर (अनुसूचित जाति) सीट से प्रमोद कुमार जयंत
47 करावल नगर सीट से डॉ. पीके मिश्रा
48 कालकाजी सीट से अलका लांबा


गांधीनगर विधानसभा में आप को बड़ा झटका, कद्दावर नेता कमल अरोड़ा ने अपने समर्थकों के साथ थामा कांग्रेस का दामन

संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद भी कांग्रेस लगातार अपना कुनबा बढ़ा रही है। इसी क्रम में कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव, पूर्व मंत्री नरेंद्र नाथ, सीलमपुर के पूर्व विधायक व बाबरपुर से कांग्रेस प्रत्याशी हाजी इशराक खान, नियाज अहमद मंसूरी ब्लॉक प्रेसिडेंट शास्त्री पार्क वार्ड,  कृष्णा नगर माइनॉरिटी जिला अध्यक्ष अलीम भाई, यूथ कांग्रेस से विधानसभा अध्यक्ष मोहम्मद वसीम, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव और दिल्ली प्रदेश प्रभारी काज़ी निजामुद्दीन ने आम आदमी पार्टी के गांधी नगर के पूर्व संगठन मंत्री कमल अरोड़ा उर्फ डब्बू व उनके साथी नौशाद मंसूरी व समर्थकों को पटका पहनाकर पार्टी ज्वाइन करवाई। आम आदमी पार्टी के गांधी नगर के पूर्व संगठन मंत्री कमल अरोड़ा उर्फ डब्बू ने अपने समर्थकों सहित आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया।

कमल अरोड़ा ने गांधीनगर विधानसभा पूर्व संगठन मंत्री के पद व पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इधर आप छोड़ने के तुरंत बाद कमल अरोड़ा अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसे वो निभाएंगे। उन्होंने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन पर हमेशा जनता के मुद्दों से भागकर अपनी राजनीति का आरोप लगाया है।

आप छोड़ने के बाद ही गांधी नगर के पूर्व संगठन मंत्री कमल अरोड़ा उर्फ डब्बू कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस में आते ही कमल अरोड़ा उर्फ डब्बू ने कहा कि जब आप बनी थी तो उसमें कई चीजें थीं जैसे समानता और सभी धर्मों को साथ लेकर चलना। लेकिन, पार्टी ऐसा नहीं कर रही है। इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गया। पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, मैं उसे पूरे दिल से निभाऊंगा।

वहीं दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आम आदमी पार्टी के गांधी नगर के पूर्व संगठन मंत्री कमल अरोड़ा उर्फ डब्बू का पार्टी में स्वागत करते हुए उन्हें कांग्रेस का पटका भेंट पहनाकर पार्टी ज्वाइन करवाई। देवेंद्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है तो इसके लिए भाजपा और ‘AAP’ दोनों सरकारें समान रूप से जिम्मेदार हैं। 

देवेंद्र यादव ने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तो कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावी रूप से नियंत्रण में थी। लोगों को चौबीसों घंटे जलापूर्ति होती थी। जलभराव को रोकने के लिए हर मानसून से पहले नालियों और सीवरों की सफाई की जाती थी। यादव ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया था कि लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति हो और दिल्ली में बिजली देश में सबसे सस्ती दर पर मिले।








 

सोमवार, 13 जनवरी 2025

कांग्रेस प्रत्याशी हाजी इशराक़ खान के समर्थन में हिन्दू-मुस्लिम कार्यकर्ता हुए एक जुट, मतलूब अहमद ने दिया धमाकेदार भाषण

उत्तर पूर्वी दिल्ली। कांग्रेस पार्टी-बाबरपुर विधानसभा का कार्यालय उस समय तालियों की गड़गगढ़ाहट से गूंज उठा जब कार्यकर्ता सम्मलेन में बाबरपूर में कांग्रेस पार्टी के कर्मठ और झुझारू कार्यकर्ता मतलूब अहमद ने आम आदमी पार्टी की नाकामियों की पोल खोलकर रख दीI  मतलूब अहमद ने कहा आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के कार्यकाल में कराए गए कार्यों को अपना बताकर फीता काटने का काम किया हैI कांग्रेस के कार्यकाल में पूरी दिल्ली में हज़ारों स्कूल-कॉलेज, विश्विद्यालय बनवाये गएं जबकि 10 वर्षों के आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में उन्हीं स्कूल की बिल्डिंग में कुछ हज़ार कमरे बनवाया गया और जिसके बनवाने में ज़बरदस्त भ्रष्टाचार हुआI सिग्नेचर ब्रिज का 90% से ज़्यादा काम कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ और केजरीवाल ने 10% काम करवाकर बताया कि आम आदमी पार्टी ने सिग्नेचर ब्रिज बनवायाI 
मतलूब अहमद ने कहा दिल्ली में कांग्रेस पार्टी ने सैकड़ों सरकारी हस्पताल, दिल्ली में CNG बस, मेट्रो, कॉमन वेल्थ गेम्स का आयोजन, चौड़ी सड़कें, गली-गली तक बिजली पहुंचवाना, पानी की पाइपलाईन बिछवाने यानी बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर की नीव डाला जो उस समय की ज़रूरत थी I केजरीवाल सरकार ने झूठा प्रचार करके कांग्रेस को बदमाम किया और जहां भी मौका मिला वहां भरष्टाचार किया I जिस समय दिल्ली की जनता कोरोना महामारी से झूझ रही थी लोग ऑक्सीज़न की तलाश में इधर-उधर भटक रहे थें तब केजरीवाल ने अपने सरकारी बंगले को शीशमहल में तब्दील कर जनता के टैक्स के पैसों में से उसमें करोड़ो रूपये लगवा दिएI 

केजरीवाल ने जनता से सैकड़ों ऐसे वादे किए जिसे वह पूरा नहीं कर सकेंI मतलूब अहमद ने कहा सड़कें-नाली बनवाना, लोहे का जाल लगवाना, स्ट्रीट लाइट लगवाना कोई उपलब्धि नहीं है, यह काम तो किसी भी पार्टी का विधायक बनेगा या किसी भी पार्टी की सरकार बनेगी उसका करवाना ही पड़ेगा क्योंकि यह तो सामान्य कार्य हैंI 

मंच पर उपस्थित कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश जैन जी, राजस्थान से आए वरिष्ठ कांग्रेस नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, सुभाष मोहल्ला, देवानंद चौधरी जी, ब्लॉक अध्यक्ष, करदमपुरी, संजय गौड़ जी, RWA अध्यक्ष रईस मलिक, हर दिल अज़ीज़ बाबू भाई एवं बाबरपुर ज़िला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार जैन जी सहित अनेकों कार्यकर्ताओं ने मतलूब अहमद के भाषण को गंभीरता से सुना और तालिया बजाकर मतलूब अहमद के भाषण को सराहा और उनका मनोबल बढ़ाया  

मतलूब अहमद ने कहा कांग्रेस पार्टी को वोट देकर पार्टी को मज़बूत बनाइए और दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनवाइए I आपका एक-एक वोट कीमती है, आम आदमी पार्टी के बहकावे आकर अपना वोट ख़राब ना करें I मतलूब अहमद ने कहा बाबरपुर में आम आदमी पार्टी की स्तिथि काफ़ी कमज़ोर है और जनता ने सही फ़ैसला लिया तो बाबरपुर में कांग्रेस द्वारा हालात बदल सकते हैं I

बाबरपुर में आम आदमी पार्टी की सबसे बड़ी नाकामी यही है के दिल्ली नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी के दो सिटींग निगम पार्षद और एक मनोनीत निगम पार्षद हार गएं I

अंत में मतलूब अहमद ने कहा यदि जनता ने इस बार बाबरपुर में कांग्रेस के मुस्लिम प्रत्याशी को नहीं जिताया तो आने वाले 50 साल तक मुस्लिम प्रत्याशी को जिताना तो बड़ी बात है, मुस्लिम प्रत्याशी के लिए टिकट माँगना भी भूल जाओगे I हम सब हिन्दू-मुस्लिम भाइयों को मिलकर दिल्ली और देश के सामने ऐसी नज़ीर पेश करना है जिसे लम्बे समय तक याद रखा जाए I
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