सोमवार, 30 नवंबर 2020

किशन यादव को सर्वसम्मति से दुबारा डेसू मजदूर संघ का प्रेसिडेंट चुना गया

संवाददाता

नई दिल्ली। भारतीय मजदूर संघ के अजमेरी गेट, नई दिल्ली के ऑफिस में किशन यादव को सर्वसम्मति से डेसू मजदूर संघ का अध्यक्ष चुना गया। भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध डेसू मजदूर संघ का पंजीकरण संख्या 1336 है।
डेसू मजदूर संघ की कार्यकारिणी की बैठक भारतीय मजदूर संघ के अजमेरी गेट, नई दिल्ली के ऑफिस में हुई जिसकी अध्यक्षता डेसू मजदूर संघ के अध्यक्ष किशन यादव ने की। इस बैठक की शुरुआत पुरानी कार्यकारिणी को भंग करके की गई और सभी कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव दुबारा चुनाव द्वारा हुआ। इसमें सर्वसम्मति से चुनाव अधिकारी के लिए भारतीय मज़दूर संघ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह नागर का नाम रखा गया व इनके साथ ही प्रदेश महामंत्री अवनीश मिश्रा और लीगल सेल के बी एस रावत उपस्थित रहे जिनकी देखरेख में सर्वसम्मति से निम्न पदाधिकारियों का चयन किया गया।
किशन यादव (बीवाईपीएल) को प्रेसिडेंट, मुकेश कुमार भारद्वाज (बीवाईपीएल) को वर्किंग प्रेसिडेंट, विजय कुमार (बीवाईपीएल) व के.आर. मीणा (बीआरपीएल) को वाइस प्रेसिडेंट, सुभाष चंद (बीआरपीएल) को जनरल सेक्रेटरी, हंस राज (बीवाईपीएल) को सेक्रेटरी, अनिल यादव (बीवाईपीएल) व राजवंत (बीआरपीएल) को ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी, अजीत कुमार  (बीवाईपीएल) को जॉइंट सेक्रेटरी, जितेंद्र कुमार  (बीवाईपीएल) को ऑफिस सेक्रेटरी, आर. बी. भारती (बीआरपीएल) को लीगल सेक्रेटरी, अरुण बंसल (बीवाईपीएल) को प्रेस सेक्रेटरी और सुभाष पाल (बीवाईपीएल) को कोषाध्यक्ष चुना गया।
इस चुनाव के बाद बैठक में कुछ प्रस्ताव पास किये गए जैसे 1. दिल्ली की पाँचो कंपनियों में काम करने वाले सभी डे्सू मजदूर संघ यूनियन की सदस्यता ग्रहण कर सकता है  जिसमें एएमसी के कर्मचारी, आऊटसोर्स  के कर्मचारी, एचआरएमएस के कर्मचारी, एसएलए के कर्मचारी, डाइवर कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, जीपीए कर्मचारी। 2. पांचों बिजली कंपनियों में काम करने वाले ठेका कर्मचारियों को पक्का किया जाए, इसकी पूरी कोशिश की जाएगी। 3. करूण मूलक आधार पर आश्रितों के बच्चों को नौकरी पर रखा जाए। 4. जिस कर्मचारी को मिनियम वेज नहीं मिल रहा है उस कर्मचारी को मिनियम वेज दिलाना है आदि।
इस मौके पर आउटसोर्स  जनरल बॉडी मेंबर्स डेसू मजदूर संघ आउटसोर्स  महामंत्री ऋषि पाल, आउटसोर्स संगठन मंत्री सैन्तुल त्यागी, आउटसोर्स ज्वाइंट सेक्रेट्री अब्दुल रज्जाक, सहयोगी मेंबर्स संजय शर्मा, उमेश कुमार इत्यादि भी मौजूद थे।







गुरुवार, 5 नवंबर 2020

शास्त्री पार्क में दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान का जोरदार स्वागत किया

 संवाददाता

नई दिल्ली। गांधी नगर विधानसभा के शास्त्री पार्क वार्ड ई-25 के कादरी मस्जिद, शास्त्री पार्क क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की एक बैठक हुई इसमें मुख्य अतिथि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान थे व गांधीनगर विधानसभा के मनोनीत निगम पार्षद हसीबुल हसन उर्फ राजू भी मौजूद थे।
यह बैठक समाजसेवी फैजी खान उर्फ बबली भाई की दुकान के बाहर हुई। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान व गांधीनगर विधानसभा के मनोनीत निगम पार्षद हसीबुल हसन उर्फ राजू  का
फूलमालाओं से स्वागत करते हुए दोनों अतिथियों का बैठक में आने के लिए शुक्रिया अदा किया। फैजी खान उर्फ बबली भाई बता कि इस बैठक को करने का मकसद सिर्फ इतना था कि आज हमारे समाज के लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है कि हम अपने अधिकारों के लिए कहां जा सकते हैं या किससे मदद ले सकते हैं। इसलिए हमने आज चेयरमैन जाकिर खान साहब को बुलाया है जो आयोग के अंतर्गत हमारे अधिकारों से हमें जानकारी देंगे। क्षेत्र की कुछ समस्याओं के लिए हमने अपने मनोनीत निगम पार्षद हसीबुल हसन को बुलाया है। वह भी हमारी परेशानी को दूर करेंगे।
समीर मंसूरी ने कहा कि हम सभी मुख्यमंत्री केजरीवाल का शुक्रिया अदा करते हैं कि उनकी परखी नजर ही है जिन्होंने जाकिर खान जैसे जमीनी स्तर के व्यक्ति को अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनाया जो समाज कि हर तकलीफ को समझते हैं और उनके बीच जाकर उनका हल निकालने की कोशिश करते हैं।
समाजसेवी मारूफ अली ने बताया कि बुलंद मस्जिद कालोनी में आयोग की ओर से एक डिस्पेंसरी का काम काफी लंबे समय तक हुआ और लगभग डिस्पेंसरी तैयार है पर उसका काम बीच में ही रुक गया है। चैयरमेन साहब इस ओर ध्यान दें ताकि लोगों को इलाज के लिए कहीं ओर न जाना पड़े।
इस पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान ने कहा कि इसके बारे में मैं पता करता हूं और किस कारण यह काम रुका हुआ है। मैं कोशिश करूंगा कि यह जल्द चालू हो जाए। उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए आयोग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से अवगत करवाया और भरोसा दिलाया कि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग आपकी हर परेशानी में आपके साथ है। उन्होंने कहा कि आप जब चाहें मेरे ऑफिस आ सकते हो या मुझे बुला सकते हो। दिल्ली सरकार की कई सारी योजना अल्पसंख्यकों के लिए बनी है उनको भी दिलावाने की हर संभव कोशिश की जाएगी। उन्होंने ने आगे कहा कि मैं आपको बता दूं कि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग छह अल्पसंख्यकों समुदाय के लिए काम करता है जैसे मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, जैन ओर पारसी। इसलिए आप की परेशानी में दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग आपकी पूरी मदद की जाएगी।
गांधीनगर विधानसभा के मनोनीत निगम पार्षद हसीबुल हसन उर्फ राजू ने कहा कि मुझे कुछ समस्याओं से अवगत करवाया गया है जिसे जल्द दूर कर दिया जाएगा। मैं आपकी परेशानी में आपके साथ खड़ा हूँ आपकी परेशानी मेरी परेशानी है। आप कभी भी मुझे बुलाएं या फोन कर दें आप लोगों की समस्याओं पर जल्द से जल्द कार्य शुरू होगा और कार्य पूरा होने के बाद आपको सूचित भी कर दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि मैं आप सभी लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि विधानसभा में जितनी भी दिक्कत आ रही है उनको भी जल्द से जल्द दूर किया जाएगा और वादा किया आयोग के साथ मिलकर काम करेंगे। सरकार से मिलने वाली सभी स्कीम घर-घर पहुंचाएंगे।
इस कार्यक्रम में समाजसेवी नियाज अहमद उर्फ पप्पू मंसूरी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। इस बैठक में समीर मंसूरी, रिजवान बेकरी वाले, सिद्दीक भाई, मारूफ अली, दीपक जैन उर्फ दीपक हिन्दुस्तानी, शमीम कुरैशी व समाज के वरिष्ठ लोगोंं ने हिस्सा लिया।

 

 


बुधवार, 28 अक्टूबर 2020

डेसू मजदूर संघ ने श्रम कानून में बदलाव के विरोध में भारतीय मजदूर संघ का समर्थन किया

संवाददाता
नई दिल्ली। नए श्रम कानूनों को मजदूर विरोधी बताते हुए भारतीय मजदूर संघ(बीएमएस) ने बुधवार को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से कानूनों में उचित बदलाव की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ का डेसू मजदूर संघ ने समर्थन किया। भारतीय मजदूर संघ का आरोप है की सभी लेबर कोड बिल में बदलाव की जो मांग उन्होंने संसद की स्थाई समिति के सामने रखी थी, उसे सरकार ने नजरअंदाज कर दिया। इन विरोध प्रदर्शनों के जरिए उन्होंने सरकार को यह संदेश दिया है कि उसने श्रम सुधारों के जरिए मजदूरों के साथ अन्याय किया है। सरकार ने मजदूरों को दिए गए वायदों को तोड़ा है। 

डेसू मजदूर संघ के अध्यक्ष किशन यादव का कहना है कि यह श्रमिकों के मौलिक अधिकारों का हनन है और इस नए संशोधन द्वारा श्रमिक कानून को कमजोर बना दिया गया है।
उन्होंने कहा है कि कोरोना संकट के बीच जहां मजदूरों के लिए सरकार को काम करना चाहिए था तो वहीं नया श्रमिक कानून बना कर मजदूरों की जिंदगी को खतरे में डाला जा रहा है। लॉकडाउन के बाद वैसे ही मजदूरों की दशा पहले ही दयनीय है उसे और दुखद बनाया जा रहा है।भारतीय मजदूर संघ के दिल्ली प्रांत के महामंत्री अनीश मिश्रा ने बताया कि नए श्रम कानून में कई प्रावधान श्रमिक विरोधी हैं। पहले सौ श्रमिकों के होने के बाद किसी कंपनी को उनकी छंटनी करने के लिए सरकार से अनुमति लेनी होती थी, लेकिन अब यह संख्या बढ़ाकर 300 तक कर दी गई है। इसका असर ये हुआ है कि लगभग सत्तर फीसदी कंपनियां अब इस दायरे से बाहर हो गई हैं और अब वे श्रमिकों के साथ मनमानी कर सकती हैं। आपको बता दें कि मानसून सत्र के आखिरी दिन संसद ने श्रम सुधार से जुड़े तीन बिलों को मंजूरी दे दी। इसके तहत कंपनियों को बंद करने के नियम में ढील दी गई है। विधेयक के प्रस्ताव के मुताबिक अधिकतम 300 कर्मचारियों वाली कंपनियों को बिना सरकार की इजाजत के लोगों को नौकरी से हटाने के अधिकार दिए गए हैं। वहीं 23 सितंबर को राज्यसभा ने कोड ऑफ ऑक्यूपेश्नल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन और इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड एंड सोशल सिक्योरिटी कोड को ध्वनिमत से पारित कर दिया। जबकि लोकसभा पहले ही मंगलवार (22 सितंबर) को इसे पारित कर चुका था। इस कानून का डेसू मजदूर संघ के अध्यक्ष किशन यादव, महामंत्री सुभाष चंद्र, अब्दुल रज्जाक, ऋषि पाल, सुभाष, शक्ति, सभाजीत पाल आदि मजदूरों ने इस कानून का विरोध किया। 





रविवार, 25 अक्टूबर 2020

किराड़ी विधानसभा में अल्पसंख्यकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली की किराड़ी विधानसभा में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान थे व इस मौके पर स्थानीय विधायक ऋतुराज झा भी मौजूद थे।
इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हाजी महेंदी हसन ने किया। उन्होंने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान और किराड़ी विधानसभा के विधायक ऋतुराज का फूलमालाओं से स्वागत करते हुए दोनों अतिथियों का कार्यक्रम में आने के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बता कि इस जागरूकता कार्यक्रम को करने का मकसद सिर्फ इतना था कि आज हमारे समाज के लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है कि हम अपने अधिकारों के लिए कहां जा सकते हैं या किससे मदद ले सकते हैं। इसलिए हमने आज के कार्यक्रम में चेयरमैन जाकिर खान साहब को बुलाया है जो आयोग के अंतर्गत हमारे अधिकारों से हमें जानकारी देंगे। क्षेत्र की कुछ समस्याओं के लिए हमने अपने विधायक जी को बुलाया है। वह भी हमारी परेशानी को दूर करेंगे।
इस पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान ने अल्पसंख्यकों के लिए आयोग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से अवगत करवाया और भरोसा दिलाया कि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग आपकी हर परेशानी में आपके साथ है। उन्होंने कहा कि आप जब चाहें मेरे ऑफिस आ सकते हो या मुझे बुला सकते हो। दिल्ली सरकार की कई सारी योजना अल्पसंख्यकों के लिए बनी है उनको भी दिलावाने की हर संभव कोशिश की जाएगी। उन्होंने ने आगे कहा कि मैं आपको बता दें कि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग छह अल्पसंख्यकों समुदाय के लिए काम करता है जैसे मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, जैन ओर पारसी। इसलिए आप की परेशानी में दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग आपकी पूरी मदद की जाएगी।

 किराड़ी विधानसभा के विधायक ऋतुराज ने कहा कि मुझे कुछ समस्याओं से अवगत करवाया गया है जिसे जल्द दूर कर दिया जाएगा। मैं आपकी परेशानी में आपके साथ खड़ा हूँ आपकी परेशानी मेरी परेशानी है। आप कभी भी मुझे बुलाएं या फोन कर दें आप लोगों की समस्याओं पर जल्द से जल्द कार्य शुरू होगा और कार्य पूरा होने के बाद आपको सूचित भी कर दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि मैं किराड़ी विधानसभा में रहने वाले सभी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि विधानसभा में जितनी भी दिक्कत आ रही है उनको भी जल्द से जल्द दूर किया जाएगा और वादा किया आयोग के साथ मिलकर काम करेंगे। सरकार से मिलने वाली सभी स्कीम घर-घर पहुंचाएंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल जी परखी नजर ही है जिन्होंने जाकिर खान जैसे जमीनी स्तर के व्यक्ति को अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनाया जो समाज कि हर तकलीफ को समझते हैं और उनके बीच जाकर उनका हल निकालने की कोशिश करते हैं।
इस कार्यक्रम में समाजसेवी नियाज अहमद उर्फ पप्पू मंसूरी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। इस कार्यक्रम में यासीन ख़ान, हुसैन बक्स मंसूरी, कारी समीम, हाफ़िज़ इकराम, कारी  सदरे आलम,  राकेश जैन, वाहिद सिद्दकी व समाज के वरिष्ठ लोगोंं ने हिस्सा लिया।

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों के समर्थन में उतरीं निगम पार्षद सुल्ताना आबदा

 संवाददाता

नई दिल्ली। काफी लंबे समय से एमसीडी के डॉक्टरों को वेतन नहीं मिलने के कारण अब डॉक्टर हड़ताल पर बैठ गए हैं। पहले हड़ताल और काम दोनों चल रहा था पर इसके बावजूद भी उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन न मिलने पर दिल्ली में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है, जिसके चलते मरीजों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आज सभी डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर एमसीडी के खिलाफ जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। आपको बता दें कि आज के प्रदर्शन में एमसीडी के सभी अस्पतालों के डॉक्टर्स शामिल हुए। डॉक्टरों को समर्थन देने के लिए जामा मस्जिद वार्ड की निगम पार्षद सुल्ताना आबदा भी पहुंची। उन्होंने उनके समर्थन में एमसीडी के खिलाफ नारे भी लगाए। उन्होंने कहा कि मैं काफी लम्बे समय से आपकी आवाज सदन में उठ रही हूं और आगे भी उठती रहूंगी। 
उन्होंने आगे कहा कि अगर आप लोगों को जल्द वेतन नहीं दिया गया तो मैं आप के लिए जामा मस्जिद गेट नंबर एक से सिविक सेंटर तक मार्च करूंगी क्योंकि आप लोगों को वेतन न मिलने से आप लोगों को हो परेशानी नहीं हो रही है आम जनता को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मौके पर समाजसेवी फिरदौस मंसूरी भी निगम पार्षद के साथ मौजूद थे। उन्होंने कहा कि एमसीडी द्वारा डॉक्टरों को नियमित वेतन न दिए जाने के कारण डॉक्टरों को परेशानी के साथ आम जनता को भी बहुत परेशानी आती है जो सही नहीं है।
आप लोगों को बता दें दरअसल इन सभी डॉक्टर्स का वेतन जून से रुका हुआ था जिसमें एमसीडी ने 1 महीने की सैलरी दे दी, लेकिन अभी भी तीन महीने की सैलरी डॉक्टर्स को नहीं दी गई। डॉक्टरों का आरोप है कि एमसीडी ने कहा है कि अभी आप लोगों को 1 महीने का वेतन मिलेगा, लेकिन बाकि वेतन अभी नहीं दिया जाएगा।
जिसको लेकर आज कस्तूरबा, हिन्दू अस्पताल समेत एमसीडी अधीन अस्पतालों के सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स प्रदर्शन कर रहे है, साथ ही उन्होंने कहा है कि हड़ताल समेत प्रदर्शन तब तक जारी रहेगी, जब तक पूरा वेतन नही मिल जाता।
 कस्तूरबा अस्पताल के आरडीए संस्था के पदाधिकारी डॉ. अभिमान ने बताया कि हर बार हमें वेतन के लिए आंदोलन करना पड़ता है। इस बार भी तीन माह से वेतन जारी नहीं हुआ है। इससे डॉक्टरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घर का किराया देने से लेकर डॉक्टरों को अपने जरुरी कार्यों के लिए भी एक-एक पैसे के लिए मोहताज होना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि इस बार हमें तीन माह का बकाया वेतन चाहिए। अगर, प्रशासन वेतन नहीं देता हैं तो हम लोग सामूहिक इस्तीफे के लिए मजबूर होंगे।इस बार एक माह का वेतन से बात नहीं बनेगी, बल्कि पूरा तीन माह का बकाया वेतन चाहिए और यह भी विश्वास चाहिए कि आगे से वेतन में देरी नहीं होगी।
साथ ही उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार हमे योद्धा बुलाती है, लेकिन हमे वेतन नही दे रही है, जिसके चलते हम अपने परिवार का पालन पोषण नहीं कर पा रहे है।








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