गुरुवार, 5 नवंबर 2020
शास्त्री पार्क में दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान का जोरदार स्वागत किया
बुधवार, 28 अक्टूबर 2020
डेसू मजदूर संघ ने श्रम कानून में बदलाव के विरोध में भारतीय मजदूर संघ का समर्थन किया
संवाददाता
नई दिल्ली। नए श्रम कानूनों को मजदूर विरोधी बताते हुए भारतीय मजदूर संघ(बीएमएस) ने बुधवार को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से कानूनों में उचित बदलाव की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ का डेसू मजदूर संघ ने समर्थन किया। भारतीय मजदूर संघ का आरोप है की सभी लेबर कोड बिल में बदलाव की जो मांग उन्होंने संसद की स्थाई समिति के सामने रखी थी, उसे सरकार ने नजरअंदाज कर दिया। इन विरोध प्रदर्शनों के जरिए उन्होंने सरकार को यह संदेश दिया है कि उसने श्रम सुधारों के जरिए मजदूरों के साथ अन्याय किया है। सरकार ने मजदूरों को दिए गए वायदों को तोड़ा है।
डेसू मजदूर संघ के अध्यक्ष किशन यादव का कहना है कि यह श्रमिकों के मौलिक अधिकारों का हनन है और इस नए संशोधन द्वारा श्रमिक कानून को कमजोर बना दिया गया है।उन्होंने कहा है कि कोरोना संकट के बीच जहां मजदूरों के लिए सरकार को काम करना चाहिए था तो वहीं नया श्रमिक कानून बना कर मजदूरों की जिंदगी को खतरे में डाला जा रहा है। लॉकडाउन के बाद वैसे ही मजदूरों की दशा पहले ही दयनीय है उसे और दुखद बनाया जा रहा है।भारतीय मजदूर संघ के दिल्ली प्रांत के महामंत्री अनीश मिश्रा ने बताया कि नए श्रम कानून में कई प्रावधान श्रमिक विरोधी हैं। पहले सौ श्रमिकों के होने के बाद किसी कंपनी को उनकी छंटनी करने के लिए सरकार से अनुमति लेनी होती थी, लेकिन अब यह संख्या बढ़ाकर 300 तक कर दी गई है। इसका असर ये हुआ है कि लगभग सत्तर फीसदी कंपनियां अब इस दायरे से बाहर हो गई हैं और अब वे श्रमिकों के साथ मनमानी कर सकती हैं। आपको बता दें कि मानसून सत्र के आखिरी दिन संसद ने श्रम सुधार से जुड़े तीन बिलों को मंजूरी दे दी। इसके तहत कंपनियों को बंद करने के नियम में ढील दी गई है। विधेयक के प्रस्ताव के मुताबिक अधिकतम 300 कर्मचारियों वाली कंपनियों को बिना सरकार की इजाजत के लोगों को नौकरी से हटाने के अधिकार दिए गए हैं। वहीं 23 सितंबर को राज्यसभा ने कोड ऑफ ऑक्यूपेश्नल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन और इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड एंड सोशल सिक्योरिटी कोड को ध्वनिमत से पारित कर दिया। जबकि लोकसभा पहले ही मंगलवार (22 सितंबर) को इसे पारित कर चुका था। इस कानून का डेसू मजदूर संघ के अध्यक्ष किशन यादव, महामंत्री सुभाष चंद्र, अब्दुल रज्जाक, ऋषि पाल, सुभाष, शक्ति, सभाजीत पाल आदि मजदूरों ने इस कानून का विरोध किया।
रविवार, 25 अक्टूबर 2020
किराड़ी विधानसभा में अल्पसंख्यकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020
हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों के समर्थन में उतरीं निगम पार्षद सुल्ताना आबदा
बुधवार, 21 अक्टूबर 2020
ऑल इंडिया मंसूरी समाज के कार्यालय का उदघाटन हुआ
संवाददाता
दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चैयरमेन जाकिर खान ने कहा कि हम अल्पसंख्यक समुदाय व मंसूरी समाज को कैसे आगे बढ़ाया जाए ताकि वह समाज व
राजनीति की दुनिया में भी अपना लोहा मनवा सकें। मंसूरी
समाज के लोगों को राजनीति में भी हिस्सेदारी लेना चाहिए ताकि वह अपनी खो रही पहचान
को दुबारा हासिल कर सके।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे उम्मीद है कि ऑल इंडिया मंसूरी समाज
संगठन सभी मंसूरी समाज को एक बैनर के नीचे लेकर आएंगे ताकि जो समाज बिखरा पड़ा है, वह एक साथ आ जाएं और तरक्की
करें। यह कार्यालय खुला है तो यहां सभी मंसूरी समाज के लोग अपनी समस्या रख सकते
हैं और समस्या का निराकरण करवा सकते हैं।
आल इंडिया मंसूरी समाज कार्यालय को बनाने में अहम भूमिका राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी व डॉ. मकदुम हुसैन मंसूरी की रही। अनीस मंसूरी ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हम मंसूरी समाज को कैसे आगे बढ़ाया सकते ताकि राजनीति की दुनिया में भी मंसूरी समाज के लोगों को भागीदारी बढ़े। उन्होंने आगे कहा कि मुस्लिम समुदाय में मंसूरी समाज के लोग ज्यादा हैं फिर भी सियासत में हमें उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला क्योंकि हम बिखरे पड़े हैं। अब यह ऑफिस खुल गया है। अब आप सभी यहां अपनी शिकायत या परेशानी रख सकते हैं। मंसूर समाज के लिए काम करने वाले इस तरह के ऑफिस पूरे भारत में खुलेंगे।
मख़दूम हुसैन मंसूरी प्रदेश को राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व सौंपा गया। उन्होंने एक शेर से अपनी बात का आगाज किया। लिख रहा हूं मैं अंजाम, जिसका कल आगाज आएगा, मेरे लहू का हर एक कतरा, समाज में इंकलाब लाएगा।
सियासत का सियासतदान अगले इलेक्शन की सोचता है, जबकि समाज का रहबर अगली नस्लों की सोचता है... आओ मिलकर एक साथ चले, समाज के लिए काम करें, ऑल इंडिया मंसूरी समाज संगठन दिल्ली के पास चलें।
उन्होंने आगे कहा कि कार्यालय का उदघाटन हम बड़े स्तर पर करना चाह रहे थे और दिल्ली के अलावा हम अपने संगठन व दूसरे प्रदेशों से संगठन के राष्ट्रीय कमेटी, और प्रदेश कमेटी के जिम्मेदार हजरात की मौजूदगी में उदघाटन होना था लेकिन पूरे विश्व में कोरोना महामारी की वजह से प्रोग्राम मुख्तसर कर दिया गया।
ऑफिस के उद्घाटन के मौके पर राष्ट्रीय महासचिव डॉ. मखदूम हुसैन मंसूरी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान, नेताजी मेहन्दी हसन मंसूरी, सूफ़ी सगीर मंसूरी (सरपरस्त), समीर मंसूरी (दिल्ली सचिव), फिरदौस मंसूरी, दिल्ली मंसूरी किंग नियाज़ अहमद उर्फ पप्पू मंसूरी, वाहिद मंसूरी उर्फ साहिल,
सरकार आलम मंसूरी (दिल्ली उपाध्यक्ष), आज़ाद मंसूरी(मेरठ), कमामुदीन मंसूरी, आसिफ़ मंसूरी, इकबाल मंसूरी, इस्लामु मंसूरी, सलमान मंसूरी लोनी, इम्तियाज मंसूरी (लोनी), अरमान मंसूरी, रसीद मंसूरी, आरिफ मंसूरी, ऑल इंडिया मंसूरी समाज संगठन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष इलियास मंसूरी, आशु मंसूरी के अलावा अन्य राज्यों के लोग भी मौजूद थे।
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