कल्याण सिंह की मौजूदगी में गत सात मार्च को जब डाॅ. सतीश शर्मा ने यह बात बताई थी तो वहां मौजूद सभी लोग इस बात से तो सहमत थे कि कल्याण सिंह राष्ट्रपति पद के लिए उपयुक्त पात्र हैं, किन्तु यह कथन इसलिए सच होने की संभावना नहीं है कि उस पद के लिए पहले से ही लालकृश्ण आडवाणी, डाॅ. मुरली मनोहर जोशी, सुमित्रा महाजन, वेंकैया नायडू आदि नाम चर्चित हैं। कल्याण सिंह ने भी ऐसी किसी संभावना से इनकार किया। गत दिवस कल्याण सिंह के यहां डाॅ. सतीश शर्मा पुनः मिल गए तो मुझे उनकी बातें याद आ गईं। चुनाव-परिणाम घोशित होने से पहले सात मार्च को कल्याण सिंह के यहां उन्होंने रिक्शेवाले की जो यह भविष्यवाणीी बताई थी कि भाजपा को तीन सौ से अधिक सीटें मिलेंगी, वह पूरी तरह सही निकली। भाजपा को 325 सीटें मिल जाने का चमत्कार हुआ। यदि कल्याण सिंह राष्ट्रªपति न बनें तो भी रिक्शेवाले की योगी एवं भाजपा के बारे में डाॅ. शर्मा के सामने की गई भविष्यवाणी तो सत्य सिद्ध हुई ही। डाॅ. सतीश शर्मा ने गत सात मार्च को जब कल्याण सिंह के सामने रिक्शेवाले की भविष्यवाणी की चर्चा की थी, उस समय तक न तो चुनाव-परिणाम घोषित हुए थे और न मुख्यमंत्री पद के लिए योगी के नाम की चर्चा थी।
गत दिवस जब मैं कल्याण सिंह के यहां पहुंचा तो वह जयपुर प्रस्थान करने के लिए भीतर तैयार हो रहे थे। अन्य लोगों के साथ मैं भी कक्ष में बैठ गया। कल्याण सिंह का पौत्र संदीप सिंह प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री हो गया है, अतः उससे मिलने वाले भी आ रहे थे। तभी सिटी माॅन्टेसरी स्कूल के संस्थापक जगदीश गांधी एक बड़ा पिटारा लिए हुए अपनी पुत्री एवं नाती के साथ कल्याण सिंह से मिलने आ गए। वे लोग संदीप सिंह से मिले और कल्याण सिंह की प्रतीक्षा करने लगे। जगदीश गांधी की पुत्री जब संदीप सिंह से निरंतर अंग्रेजी में ही बात करने लगी तो लोगों को उसके इस अंग्रेजी-प्रेम का बुरा लगा।





