सोमवार, 17 जून 2013

जल भराव पर कराया कमिश्नर का दौरा

संवाददाता
पूर्वी दिल्ली। नगर निगम क्षेत्र से वार्ड नं0 216 के निगम पार्षद राजीव वर्मा ने अपने क्षेत्र की मुल्ला कालोनी व राजवीर कालोनी में पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर एस. कुमार स्वामी, ई.एन.सी., डी.सी. व विभाग के सम्बंधित अधिकारियों को साथ लेकर दौरा किया। पिछले तीन दिन से लगातार बरसात होने के कारण क्षेत्र में भारी जल भराव का स्तर बढ़ गया था। 
पूरे कालोनी के साथ-साथ लोगों के घरो में भी पानी भर गया है। इससे निजात पाने के लिए पिछले कुछ दिनों पहले पानी निकालने के लिए खराब स्थिति के आठ पम्प लगवाये थे। जिनकी जांच भी कराई गई जांच में साबित हुआ था के वे पम्प पहले से पुराने व खराब स्थिति में ही लगवाये गये। जो अब बिल्कुल बंद पड़े हैं। पानी की निकासी न होने के कारण कालोनी में पानी भरा हुआ है। जिससे वहां के रहने वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है। पानी एक ही स्थान पर भर जाने के कारण डेंगू मच्छर पैदा हो गये जिससे संक्रमण बीमारी फैलने के कारण वहां के कई बच्चों को मलेरिया व उल्टी दस्त जैसी घातक बीमारी होने की भी खबर मिली थी। 
बताया जाता है कि वहां के लोगों में भारी आक्रोष है इन बातों को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र के निगम पार्षद राजीव वर्मा ने सम्बन्धित अधिकारियों को अवगत कराया। इस मौके पर वहां के गणमान्य लोग उपस्थित थे जिनमें मुख्य रूप से पूर्वी दिल्ली के कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बीर सिंह प्रधान, राम अवतार, हरबंष सिंह अब्बास अंसारी, चिरायन जोसफ, अनिल कोटनाला, षिकन्दर सिंह, मनीष कुमार, मुन्नी खातून सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।




 

गुरुवार, 13 जून 2013

बब्बी कुमारी के ज़ज्बे को सलाम

राजीव गुप्ता

देवरिया। वर्तमान समय में बब्बी कुमारी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से सोशियोलोजी की छात्रा हैं और इस समय ग्रीष्मावकास और वृद्ध पिता जी की तबियत ठीक न होने के कारण इन दिनों देवरिया जिले के साहबाज़पुर गाँव में अपने घर आयीं हुई हैं. इन्होने सपने मे भी नही सोचा था कि परिवार और समाज के चलते इतनी मुसीबतों का सामना करना पडेगा. दरअसल परिवार और समाज़ के दबाव के चलते इनका विवाह उस समय हुआ था जब यें बारहवीं कक्षा की छात्रा थी. परंतु पढने की ललक के चलते उस समय इन्होनें विवाहोपरांत ससुराल जाने से मना कर दिया परिणामत: ‘गवना’ की रश्म को कुछ दिनों के लिये टाल दिया गया. इन्होने अपने पति जो कि एक अनपढ हैं और कमाने के लिये शुरू से ही शहर मे रहते थे, से अपनी पढने की इच्छा जतायी तो उन्होने किसी भी प्रकार की सहायता देने के लिये मना कर दिया. परंतु इस बहादुर बेटी ने हार न मानने की ठान ली. माता-पिता की अस्वस्थता और उनकी निर्धनता के चलते इन्होने अपने स्नातक की पढाई का सारा खर्च दूसरे के खेतों मे मजदूरी कर उठाया. बहन की पढने की इस लगन को देखकर इनके बडे भाई जो कि उस समय खुद पढाई करते थे, ने अपनी बहन को दूसरे के खेत में मजदूरी के लिये जाने हेतु मना कर खुद मजदूरी करने लग गये. बहन-भाई की इस मेहनत का परिणाम सकारात्मक आया. 

कालंतर में बब्बी कुमारी का स्नातकोत्तर हेतु  जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सोशियोलोजी कोर्स मे चयन हो गया और बब्बी कुमारी जे.एन.यू. चली गयी. जब इनकी ससुराल वालों को बब्बी कुमारी की इस सफलता के बारे में पता चला तो उन्होने ‘गवना’  के लिये समाज की सहायता से इनके परिवार वालों के ऊपर दबाव बनाना शुरू किया परंतु बब्बी कुमारी और इनके भाई मुन्ना किसी भी प्रकार के दबाव के आगे नही झुके. बब्बी कुमारी बताती है कि जे.एन.यू. जाने के बाद जबतक छात्रावास नही मिला तबतक यह वहाँ के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक छात्रा के साथ कुछ दिनों तक रही. नम आँखों से बब्बी कुमारी ने बताया कि उनके साथ ऐसा समय कई बार आया जब इनके पास न्यूनतम कपडे तक नही होते थे और आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक बार तो इन्होने आत्महत्या तक विचार बना लिया था परंतु इन्होने अपनी गरीबी को ही अपनी असली ताकत बनाने की सोचा. कुछ महीने बाद इन्हे छात्रावास मिला तथा छात्रावृत्ति भी मिलने लगी और आगे की पढाई का मार्ग प्रशस्त हुआ. इन्होने अपने पति से कई बार आर्थिक मदद के लिये कहा परंतु हर बार वो मना कर देता था. हारकर इन्होने भविष्य में अपने पति से कोई रिश्ता न रखने के लिये कहा तो उसने कुछ पैसे भेजें. इनकी आर्थिक – स्थिति को इनके साथ रहने वाली मित्र से जब नही देखा गया तो वह आगे आयी और इनकी हर प्रकार की सहायता की.

जे.एन.यू के एम.फिल की प्रवेश परीक्षा देकर ये अपने गाँव चली आयी. इनके गाँव आते ही इन्हे जबरदस्ती ससुराल ले जाने के लिये इनके ससुराल वालें कई लोगों के साथ इनके घर आ धमके. परंतु जब इनके भाई और इन्होने अपने ससुराल वालों के इस कृत्य का विरोध किया तो सैकडों गाँव वालों और खाप पंचायत के सामने अनुसूचितजाति-समाज की इस बेटी को खीँचकर ले जाने की कोशिश की गई परंतु इनके भाई के अलावा किसी ने भी इस कृत्य को रोकने की हिम्मत नही दिखायी. चिंतन-मनन के पश्चात किसी प्रकार वहाँ उपस्थित लोगों से इन्होने अगले दिन तक का समय मांगा और दिल्ली स्थित एक स्वतंत्र पत्रकार राजीव गुप्ता को फोनकर अपनी सारी स्थिति बताते हुए मदद मांगी. बस यही से इस पूरे घटनाक्रम मे तेज़ी से बदलाव आया. अगली सुबह ही जिला उप-जिलाधिकारी श्री दिनेश गुप्ता के संज्ञान मे सारा विषय आ गया और प्रशासन के सकारात्मक सहयोग और दूरदर्शिता के चलते दोनों परिवारवालों के बीच विवाह-खत्म करने की सहमति बनी. समाज-उपेक्षा से बब्बी को तो अब मुक्ति मिल जायेगी परंतु अभी भी बब्बी कुमारी की आर्थिक समस्या मुँह बाये खडी है फिर भी बब्बी कुमारी ने नेट, जे.आर.एफ जैसी छात्रवृत्ति पाने की आशा रखते हुए प्रशासनिक सेवा में जाने का अब मन बना लिया हैं.  

-          राजीव गुप्ता, स्वतंत्र पत्रकार , 09811558925

गुरुवार, 6 जून 2013

नाले में युवक का शव मिला

संवाददाता

पूर्वी दिल्ली। दिल्ली के सीलमपुर इलाके में नाले में  शव मिलने से सनसनी फ़ैल गई इस नाले को गोकुलपुर ड्रेन के नाम से जाना जाता है और  आज कल इस नाले को बनाये जाने का कार्य चल रहा है जब सुबहा लेबर काम करने पहुंची तब किसी ने शव को पानी में तेरते देखा और पुलिस को सुचना दी गई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जी .टी बी हॉस्पिटल में  पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है और मामले की जाँच में जुट गई है आखिर ये युवक कोन है और ये हादसा है फिर कोई जानभुझ की गई वारदात   खबर लिखे जाने तक युवक की पहचान नहीं हो सकी।

 








http://mohdriyaz9540.blogspot.com/

http://nilimapalm.blogspot.com/

musarrat-times.blogspot.com

http://naipeedhi-naisoch.blogspot.com/

http://azadsochfoundationtrust.blogspot.com/